Investigation labs should be made fast in all districts: Chief Minister

लखनऊ. जांच क्षमता में लगातार वृद्धि के लिए हरसम्भव प्रयास करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि प्रत्येक जनपद में एक टेस्टिंग लैब की स्थापना का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जून के अन्त तक सभी मेडिकल कॉलेज तथा मण्डलीय चिकित्सालयों में लेवल-2 स्तर की टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। इस सम्बन्ध में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एल-1 तथा एल-2 कोविड अस्पतालों में आवश्यकतानुसार आयुष चिकित्सकों की सेवाएं भी ली जाएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संसाधनों के सर्वाधिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए ‘108′, ‘102′, निजी नर्सिंग होम की एम्बुलेंस सहित सभी तरह की एम्बुलेंस की सेवा प्राप्त की जाए। एम्बुलेंस के कार्मिकों के लिए अनिवार्य रूप से सेनिटाइजर, पीपीई किट, एन-95 मास्क तथा ग्लव्स आदि की व्यवस्था की जाए। यह सुनिश्चित भी किया जाए कि एम्बुलेंस सेवा का रिस्पांस समय 10 मिनट से अधिक न हो। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एल-1 कोविड चिकित्सालयों में कुल बिस्तरों में से कम से कम 10 प्रतिशत बिस्तर ऑक्सीजन सुविधा युक्त होने चाहिए। इसी प्रकार एल-2 चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तर के अलावा वेंटीलेटर युक्त कुछ बेड उपलब्ध रहने चाहिए।

उन्होंने सभी अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर तथा व्हील चेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि समस्त चिकित्सालयों के होल्डिंग एरिया में वृद्धि की जाए। इसके अलावा, अस्पतालों में मरीजों के रजिस्ट्रेशन काउंटर की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव सम्बन्धी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। सभी जनपदों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य को गति प्रदान करने के लिए अन्य संचार माध्यमों का भी उपयोग किया जाए। दूरदर्शन तथा आकाशवाणी पर कोरोना से बचाव सम्बन्धी उपायों की जानकारी प्रसारित कराई जाए।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश में निवेश की प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक निवेश आए, इसके लिए नियमों का सरलीकरण जरूरी है। प्रदेश सरकार इस दिशा में गम्भीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश आकर्षित करने के लिए और तेजी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।(एजेंसी)