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लखनऊ. हाथरस (Hathras) में दलित युवती (Dalit Girl) के साथ कथित सामूहिक बलात्‍कार (Gang Rape) और उसकी मौत के मामले को लेकर आंदोलनरत वाम दलों-माकपा और भाकपा- का एक साझा प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस पहुंचा। माकपा सदस्य एवं राज्य सचिव मंडल रवि मिश्रा (Ravi Mishra) ने मंगलवार को इसकी जानकारी एक विज्ञप्ति में दी।

विज्ञप्ति के मुताबिक प्रतिनिधि मंडल ने सरकार के रवैये की आलोचना की कि सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री अभी तक पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गए। नेताओं ने कहा कि इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है। वाम नेताओं ने पीड़ित परिवार को दुःख और संकट की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

विज्ञप्ति के मुताबिक प्रतिनिधि मंडल में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा के महासचिव डी राजा, माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, भाकपा की राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर, माकपा उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव हीरालाल यादव तथा भाकपा राज्य सचिव डॉ गिरीश आदि नेता शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ” पीड़ित परिवार को भी सीबीआई की अपेक्षा न्यायिक जांच पर अधिक भरोसा है।” प्रतिनिधिमंडल में शामिल वाम नेताओं ने मांग की ”इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए।” नेताओं ने यह भी कहा, ” पीड़ित परिवार को अपनी सुरक्षा ओर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का भी भय सता रहा है।

सुरक्षा और साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए भी सरकार व्यवस्था करे।” प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद बताया, ”दलित परिवार पूरी तरह से डरा हुआ है। अपनी सुरक्षा को लेकर और उसे अपने प्रति न्याय पाने की भी आशंका है।” वामपंथी दलों ने मांग की कि हर हालत में पीड़ित परिवार की सुरक्षा का इंतजाम सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। (एजेंसी)