तिहरे हत्याकांड के 23 साल बाद छह दोषियों को उम्रकैद

मथुरा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मथुरा जिले (Mathura district) की एक अदालत ने 23 साल पहले तीन लोगों की हुई हत्या के मामले में छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में कुल ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया गया था जिनमें से तीन की सुनवाई के दौरान मौत हो गई जबकि एक अभियुक्त घटना के समय नाबालिग था और जिसकी वजह से किशोर न्यायालय ने उसे पहले ही रिहा कर दिया।

वहीं, एक आरोपी अब भी फरार है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (Assistant District Government Advocate, Additional District and Sessions Court) मदन मोहन पाण्डेय ने बताया, ‘‘यह पांच मई 1997 का मामला है जब छाता कोतवाली क्षेत्र के गोहारी गांव के दो परिवारों के बीच जमीनी विवाद को लेकर गोलीबारी हुई थी और जिसमें एक पक्ष के तीन लोगों खचेरा, सुखी चंद और बालकराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। दूसरे पक्ष ने कुल ग्यारह लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।”

उन्होंने बताया, अब 23 साल बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (Additional District and Sessions Judge) ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों रतिराम, ब्रजकिशोर, नवल किशोर, जवाहर सिंह, सुरेश व बाली को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। पाण्डेय ने बताया कि इस दौरान तीन आरोपियों की मृत्यु हो गई, एक आरोपी को नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय ने रिहा कर दिया जबकि राधारमण नामक आरोपी अबतक फरार है।(एजेंसी)