Oxygen plant to be built in JNPT
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    राजेश मिश्र

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी को पूरा करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रिड तैयार करने के साथ ही इनकी उत्पादन ईकाई लगाने वालों के लिए बड़े पैमाने पर रियायतों (Concessions) का एलान किया गया है। प्रदेश सरकार ने कोविड (Covid) के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को बनाने वाली कंपनियों को रियायतें देने का भी फैसला किया है। प्रदेश सरकार ने नयी ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति का भी एलान किया है।

    बीते सप्ताह ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिपरिषद की वर्चुअल बैठक में ऑक्सीजन उत्पादन प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी गयी है। इसके साथ ही कोविड इलाज के उपकरणों का निर्माण करने वाली ईकाईयों को कैपिटल सब्सिडी देने का भी फैसला किया गया है। ऑक्सीजन उत्पादन नीति के तहत ईकाई लागने वाले उद्यमियों को स्टांप ड्यूटी में 50 से 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। ईकाई लगाने वालों को भी कैपिटल सब्सिड़ी दी जाएगी। यह कैपिटल सब्सिडी बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 25 फीसदी, मध्यांचल में 20 फीसदी जबकि पश्चिमांचल में 15 फीसदी की होगी।

    भूखंडों के आवंटन के शुरुआत

    गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने पहले ही अपने औद्योगिक क्षेत्रों में आक्सीजन ग्रिड तैयार करने के उद्यमियों को भूखंडों के आवंटन के शुरुआत कर दी है। अब तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सात कंपनियों को ऑक्सीजन उत्पादन ईकाई लगाने के लिए भूखंड का आवंटन किया गया है, जबकि चार ने इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली है। यूपीसीडा के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में लगने वाली इन ईकाईयों में 503 करोड़ रुपये के निवेश के साथ प्रतिदिन 770 टन लगाने वालों को स्टांप ड्यूटी में सौ फीसदी की छूट बुंदेलखंड और पूर्वांचल में आक्सीजन उत्पादन ईकाई लगाने वालों को स्टांप ड्यूटी में सौ फीसदी की छूट मिलेगी, जबकि मध्यांचल में यह छूट 75 फीसदी व पश्चिमांचल में 50 फीसदी की होगी।

    25 फीसदी की कैपिटल सब्सिडी

    प्रदेश सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि नयी नीति से प्रदेश में एलएमओ प्लांट, मेडिकल ऑक्सीजन, कंसट्रैटर, जियोलाइट, सिलेंडर, क्रायोजेनिक टैंकर व कंटेनर के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। कोविड इलाज के लिए उपकरणों को बनाने वाले उद्यमों को प्रदेश सरकार 25 फीसदी की कैपिटल सब्सिडी देगी। इसके अलावा यूनिट के विस्तार के लिए 72 घंटे के भीतर अनुमति दी जाएगी। यह योजना अगले एक साल तक प्रभावी रहेगी। प्रदेश सरकार के लघु उद्यम मंत्री ने बताया कि छोटे मझोले उद्योगों के लिए जल्दी ही नीतियों में संशोधन कर और भी राहतों व रियायतों का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एमएसएमई क्षेत्र के सामने आ रही दिक्कतों से अवगत है और अधिकारियों को इस संबंध में जल्द से जल्द कदम उठाने के लिए कहा गया है।