यूपी में जमीन ले उद्योग न लगाने पर होंगे भूखंड वापस, नए उद्यम लगेंगे

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश नए उद्योंगों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों (Industrial Area) में अतिरिक्त जमीन की व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार (UP Government) ने एक बार फिर से खाली पड़े औद्योगिक भूखंडों की सूची बनाने और लंबे समय से उद्यम न लगाने पर उनके निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरु करने का फैसला किया है.

    लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्रों में खाली पड़े भूखंडों का आवंटन निरस्त कर उन्हें नए सिरे से आवंटित किया जाएगा. प्रदेश सरकार ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों व एक्सप्रेस वे के दोनो किनारों पर भी लैंड बैंक तैयार किया है. गौरतलब है कि प्रदेश में तमाम औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूखंड खाली पड़े हैं. खासकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में इस तरह के भूखंडों की खासी तादाद है.

    उत्तर प्रदेश औद्यागिक विकास मंत्री सतीश महाना (Satish Mahana) के मुताबिक सरप्लस औद्योगिक भूमि के उपयोग के लिए नीति बनाई जायेगी. औद्योगिक लैण्ड बैंक में वृद्धि के लिए गठित समिति की अध्यक्षता कर रहे मंत्री महाना ने कहा कि अगर खाली पड़ी जमीने एक कीमत देकर वापस ले ली जाएं तो नए उद्यमों को इन्हें दिया जा सकता है. नीति निर्धारण के लिए उन्होंने अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए. इस समिति में यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक सदस्य होंगे.

    औद्योगिक विकास मंत्री ने कहा कि औद्योगिक भूमि अधिगृहण एक्ट को और अधिक सरल बनाया जायेगा. इसके लिए प्रचलित नीति में आवश्यक संशोधन भी किया जायेगा. उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने यहां भूमि चिन्हित का लैण्ड बैंक तैयार कराये, ताकि उद्यमियों की मांग के अनुरूप उनकों भूमि का आवंटन किया जा सके.

    महाना ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे (Expressways) के किनारे एक-एक किलोमीटर के दायरे में किनारे औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जायेगा. एक्सप्रेस-वे के किनारे भूमि अधिगृहण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरलीकृत किया जा रहा है. इसके साथ ही प्रदेश में निष्प्रयोज्य एवं बंजर भूमि पर औद्योगिक गतिविधियों शुरू की जायेंगी. इसके तहत पहले चरण में बुंदेलखंड के ललितपुर, हमीरपुर और औरैय्या जिलों में 1483 एकड़ जमीन के अर्जन की कारवाई की जा रही है जबकि ग्रेटर नोयडा में बन रहे जेवर अंतरर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 250 हेक्टेयर जमीन इलेक्ट्रानिक सिटी के लिए उपलब्ध हो गयी है.

    उन्होंने बताया कि इसी तरह से मेडिकल पार्क के लिए 350 हेक्टेअर भूमि का अर्जन किया जा चुका है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी परियोजना फिल्म सिटी के लिए यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण में 100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है.

    महाना ने बताया कि पारदर्शी तरीके निवेश मित्र पोर्टल के जरिए इन औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है. इसके अलावा जेवर एअरपोर्ट के निकट 100 हेक्टेअर क्षेत्र में जापान की मदद से इलेक्ट्रानिक सिटी डेवलप करने की भी योजना है.

    -राजेश मिश्र