Uttar Pradesh Corona: 335 policemen of Gautam Buddha Nagar Police Commissionerate covid Positive

    मुंबई: सुबह लाउडस्पीकर से होने वाली अजान से कथित तौर पर नींद में खलल पड़ने से परेशान इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव द्वारा जिलाधिकारी को पत्र लिखे जाने के बाद प्रयागराज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने चार जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में उच्च न्यायालय के निर्णय का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीएचयू के एक छात्र ने वाराणसी पुलिस को ट्वीट कर मस्जिद से निकलने वाली अजान की आवाज से तनाव होने की शिकायत की है, जिसपर पुलिस ने करवाई का निर्देश दिया है।

    प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी और प्रतापगढ़ के जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को 18 मार्च को लिखे पत्र में आईजी के पी सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति के पत्र का संदर्भ ग्रहण करने और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका- अफजल अंसारी एवं अन्य के मामले में पारित आदेश का पालन करते हुए शीघ्र कार्रवाई करने को कहा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 15 मई, 2020 को पारित आदेश का हवाला देते हुए सिंह ने लिखा है कि रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक बगैर सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी धार्मिक स्थल अथवा सार्वजनिक स्थल पर लाउडस्पीकर या लोक संबोधन प्रणाली का उपयोग किया जाना प्रतिबंधित एवं अवैध है।

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि अजान इस्लाम का एक आवश्यक एवं अभिन्न हिस्सा हो सकता है, लेकिन लाउडस्पीकर या ध्वनि बढ़ाने वाले किसी अन्य उपकरण के जरिए अजान बोलने को इस धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं कहा जा सकता है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने सुबह में लाउडस्पीकर से होने वाली अजान से नींद बाधित होने को लेकर जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी को एक पत्र लिखकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

    इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद मस्जिद के मौलवी ने स्वयं लाउडस्पीकर की दिशा बदल दी थी और ध्वनि कम कर दी थी। कुलपति ने 3 मार्च, 2021 को लिखे पत्र में प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे उनके घर के पास स्थित एक मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर से मौलवी द्वारा अजान किये जाने से नींद में खलल पड़ने की शिकायत की थी।

    प्रोफेसर श्रीवास्तव ने लिखा था कि नींद पूरी नहीं होने से दिनभर सिरदर्द बना रहता है जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा था, ‘‘मैं किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं हूं और वे माइक के बगैर अजान कर सकते हैं, जिससे दूसरे लोग प्रभावित ना हों।” वहीं वाराणसी में बीएचयू के एक छात्र ने स्थानीय पुलिस को ट्वीट कर मस्जिद से निकलने वाली अजान की आवाज से तनाव होने की शिकायत की है, जिसपर पुलिस ने करवाई का निर्देश दिया है।

    छात्र करुणेश पांडेय ने बृहस्पतिवार की सुबह जिलाधिकारी वाराणसी, एडीजी जोन वाराणसी और वाराणसी पुलिस को ट्वीट कर बताया, ‘‘मैं करुणेश पांडेय वाराणसी के भदैनी में कमरा लेकर रहता हूँ। हमारे बगल में मस्जिद है, जहां से प्रत्येक सुबह, दोपहर, शाम और रात लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से चिल्लाने से मानसिक अवरोध उत्पन्न होता है। महोदय से निवेदन है कि यथोचित उपाय करें।” इस ट्वीट का जवाब देते हुए वाराणसी पुलिस ने लिखा है, ‘‘उक्त प्रकरण के संबंध में भेलूपुर प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया गया है।