AK Sharma

    लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) होने है। इसके मद्देनजर सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने और अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने राज्य में शनिवार को एक उपाध्यक्ष एवं दो प्रदेश सचिवों को नियुक्त किया है।

    भाजपा मुख्यालय से जारी बयान के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पूर्व आईएएस और मऊ से विधान परिषद सदस्य ए. के. शर्मा (AK Sharma) को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा अर्चना मिश्रा (Archana Mishra) (लखनऊ) और अमित वाल्मीकि (Amit Walmiki) (बुलन्दशहर) को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। दोनों को प्रदेश मंत्री बनाया गया है।

    यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने ऐसे फैसले लिए हों। भाजपा ने यह बड़ा फैसला एक रणनीति के तहत लिया है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव की तरफ से विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की गई है।

    स्वतंत्र देव सिंह ने प्रांशुदत्त द्विवेदी (फर्रूखाबाद) को युवा मोर्चा, श्रीमती गीताशाक्य राज्यसभा सांसद (औरैया) को महिला मोर्चा, कामेश्वर सिंह (गोरखपुर) को किसान मोर्चा, नरेन्द्र कश्यप पूर्व सांसद (गाजियाबाद) को पिछड़ा वर्ग मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा कौशल किशोर सांसद को अनुसूचित जाति मोर्चा, संजय गोण्ड (गोरखपुर) को अनुसूचित जनजाति मोर्चा व कुंवर बासित अली (मेरठ) को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।

    गौरतलब है कि एके शर्मा गुजरात कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी थे और लंबे समय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कार्य किया था। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और इसके बाद शर्मा को भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया। माना जा रहा है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत उन्हें संगठन में उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया है।