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  • हाथरस की घटना पर भाजपा के गाजियाबाद लोनी से चर्चित विधायक नन्द किशोर गुर्जर का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लिखा पत्र.
  • विधायक ने हाथरस की घटना पर डीजीपी, डीएम, एसएसपी और अन्य घटना में शामिल अधिकारियों पर ह्त्या का मुकदमा दर्ज करने की किया मांग.
  • महत्वपूर्ण यह कि विधायक ने सीएम योगी को पत्र न लिखकर राज्यपाल को लिखा और प्रतिलिपि प्रधानमन्त्री मोदी तथा भाजपा राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्ष को दिया.
  • हाथरस की बेटी के इन्साफ के लिए कांग्रेस के मुखिया सडक पर, परन्तु प्रमुख विपक्षी दल सपा के मुखिया अखिलेश यादव लन्दन में.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में गुरूवार का दिन भी सियासी रूप से कांग्रेस के नाम रहा. कांग्रेस की यूपी प्रभारी प्रियंका गाँधी और राहुल गाँधी हाथरस की बेटी के इन्साफ के लिए दिल्ली से हाथरस निकले. पुलिस द्वारा ग्रेटर नोएडा में गाड़ियों का काफिला रोके जाने के बाद दोनों नेता अपने अन्य नेताओं के साथ पैदल ही 142 किमी हाथरस के लिए निकल पड़े.

पैदल यात्रा के समय में भी यूपी पुलिस द्वारा बारबार रोका गया और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया. जिसमें राहुल गाँधी को भी धक्का लगा और वह गिरते गिरते बचे. पैदल रास्ते में ही राहुल व प्रियंका को IPC की धारा 188 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.

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हाथरस की घटना पर भाजपा के गाजियाबाद लोनी से चर्चित विधायक नन्द किशोर गुर्जर ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिख हाथरस की घटना पर डीजीपी, डीएम, और एसएसपी पर ह्त्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए एक पत्र लिखा. गौतलब है कि विधायक ने सीएम योगी को पत्र न लिखकर राज्यपाल को लिखा और प्रतिलिपि प्रधानमन्त्री मोदी तथा भाजपा राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्ष को दिया. उधर प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लन्दन से हाथरस प्रकरण में ट्वीट कर रहे हैं.            

इधर राजधानी लखनऊ में कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम और कार्यकारी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मनोज यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला और तमाम आरोप भी लगाये. इधर हाथरस की दलित बेटी के इन्साफ के लिए कांग्रेस सड़कों पर है और सूबे की प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लन्दन में हैं. इन कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि यादव परिवार के डीएनए में है कि जब भी जनता आन्दोलन में रहती है या फिर उसका दमन होता है तब यह लोग मौज मस्ती में रहते हैं.

प्रियंका के यूपी प्रभारी बनने के बाद यह पहला मौका है जब कोई कांग्रेसी नेता समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया पर इस तरह का आरोप लगाया है. उधर सरकारी प्रवक्ता भी सरकार के बचाव में उतरे और प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विपक्ष अपनी सियासी जमीन तलाश रहा है. हाथरस की घटना की जांच के लिये SIT बनाई गई है, रिपोर्ट आने दीजिये दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. आजमगढ़ से भी कांग्रेसी नेताओं की गिरफ्तारी और लाठीचार्ज की खबर आयी.          

हाथरस से करीब 142 किमी पहले पुलिस ने रोका कांग्रेस नेताओं का काफिला, फिर पैदल रास्ते में प्रियंका-राहुल को किया गिरफ्तार

गुरूवार को हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने और परिवारीजनों से मिलने की सूचना आने के बाद योगी सरकार के हाथपांव फूल गए और यूपी पुलिस सक्रिय हो गयी. बुधवार को ही प्रियंका गाँधी के हाथरस पीड़ित परिवार से मिलने जाने की सूचना सोशल मीडिया में वायरल होते ही उनको रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने भारी दल बल के साथ DND पर चेकिंग शुरू कर दिया था जिसके चलते DND पर लगा लंबा जाम भी लगा था.

गुरूवार को उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रिंयका गाँधी के साथ राहुल गाँधी भी पीड़ित परिवार से मिलने दिल्ली से हाथरस को निकले. दिल्ली से हाथरस जा रहे राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी के गाड़ियों को यूपी पुलिस ने ग्रेटर नोएडा में रोका तो दोनों ने अपनी गाड़ियाँ छोड़ पैदल ही वहां से निकल पड़े. ग्रेटर नोएडा से हाथरस की दूरी करीब 142 किमी है. इस बीच पुलिस द्वारा पैदल जा रहे राहुल गाँधी से बदसलूकी भी की गयी. कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और पुलिस की धक्का मुक्की में राहुल गाँधी गिरते गिरते बचे. पैदल रस्ते में ही राहुल व प्रियंका को IPC की धारा 188 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.    

प्रियंका ने रास्ते से ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला, क्या परिवार को धमकाकर चुप कराना चाहती है सरकार?

इसी बीच प्रियंका गाँधी ने अपना पहला ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि “हाथरस की बेटी के पिता का बयान सुनिए. उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया. सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया. वो जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है. बात करने पर मना है. क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है.”

हाथरस के रास्ते में राहुल गॉंधी और प्रियंका गॉंधी को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने रोका और गाड़ियां आगे नहीं जाने दी. फिर वहां से गाड़ियां छोड़ पैदल हाथरस के लिए निकले राहुल और प्रियंका. हाथरस की बेटी के इंसाफ के लिए कांग्रेस नेता परिजनों से मिलने हाथरस जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने 142 किमी पहले ही इन दोनों नेताओं के काफिले को रोक लिया जहां से वे आगे की दूरी पैदल तय करेंगे. उधर आज़मगढ़ में कांग्रेस नेताओं ने योगी का पुतला फूंका. पुतला फूंक रहे कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी है.

पुलिस की बर्बरता और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को लेकर प्रियंका का दूसरा ट्वीट “बोला काश यही लाठियां, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती”

पुलिस द्वारा रोके जाने और लाठीचार्ज के बाद प्रियंका गाँधी का एक और ट्वीट आया कि ” हाथरस जाने से हमें रोका, राहुल जी के साथ हम सब पैदल निकले तो बार बार हमें रोका गया, बर्बर ढंग से लाठियां चलायीं, कई कार्यकर्ता घायल हैं. मगर हमारा इरादा पक्का है. एक अहंकारी सरकार की लाठियां हमें रोक नहीं सकतीं. काश यही लाठियां, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती.”

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम और कार्यकारी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मनोज यादव का बयान, सपा मुखिया अखिलेश यादव पर बोला हमला    

अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम और कार्यकारी अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के मनोज यादव ने एक बयान जारी कर कहा कि “उ0प्र0 में सरकारी गुण्डाराज है, सरकार न तो पीड़ितों से बात करती है और न पीड़ितों की आवाज उठाने वालों से, उनके पास सिर्फ एक ही तरीका है लोगों को जेल भेजना और लाठी-डण्डों से पीटना, गंभीर अपराधिक धाराओं में नामजद रहे मुख्यमंत्री, अपराधियों को दे रहे संरक्षण, सरकार मुआवजा नहीं न्याय दे, अखिलेश यादव “लंदन” में क्यों घूम रहे हैं, ऐसा क्यों  है कि जब भी कमजोर तबकों पर दमन होता है तो अखिलेश यादव मौज मस्ती के मूड में आ जाते हैं, मुजफ्फरनगर के समय सैफई में नाच गाना, जब घंटाघर में महिलाएं आन्दोलन कर रही थीं तब भी उनकी बेटी घूमने गई थी, आन्दोलन में क्यों नहीं दिखे, यादव परिवार के डीएनए में है- जब भी जनता आन्दोलन रहती है या उसका दमन होता है तब यह लोग मौज मस्ती में डूबे रहते हैं, अखिलेश डरें नहीं, लंदन से लौट आएं.”

सरकारी प्रवक्ता और योगी कैबिनेट के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष अपनी खोई हुई राजनैतिक ज़मीन तलाश रहा है

उधर सरकारी प्रवक्ता और योगी कैबिनेट के मंत्री सिद्धार्थनाथ  सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर माया सरकार में 1000 दलितों की हत्या होने की बात कही. उन्होंने कहा कि हाथरस घटना पर राजनैतिक रोटियां सेंकी जा रही है. राहुल गाँधी और प्रियंका के हाथरस जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता हाथरस जा रहे हैं मगर राजस्थान की घटना इनको नही दिखती, विपक्ष अपनी खोई हुई राजनैतिक ज़मीन तलाश रहा है. यूपी में महिलाओं के प्रति अपराध कम हुए हैं. बलात्कार की घटनाओं में  गिरावट आई है. योगी सरकार में कानून व्यवस्था अच्छी है. हाथरस की घटना की जांच के लिये SIT बनाई गई है, रिपोर्ट आने दीजिये दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.

राजेश मिश्र