मां बोली- नहीं जानती थी कि कार में मेरा ही बेटा फंसा है, जाकर देखा तो होश उड़ गए

गाजियाबाद. कार मालिक के भतीजे की शादी में कार चालक नसीम को जाना था। जल्दी काम को निपटाकर सोमवार रात 10 बजे वह अपनी पत्नी के साथ गुरुग्राम से कार में सवारी बैठाकर बिजनौर के लिए निकला। शादी में मां और छोटे भाई को भी शामिल होना था, नसीम ने उन्हें दूसरे ड्राइवर की कार में आने के लिए कहा। प्लान के अनुसार दूसरी कार का ड्राइवर उन्हें मीरापुर में छोड़ता, जहां से नसीम उन्हें शादी वाली जगह ले जाने वाला था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

मृतक दंपती

मां और छोटे भाई ड्राइवर के साथ दूसरी कार से निकल चुके थे। मां अफसाना ने रात करीब साढ़े 12 बजे नसीम को फोन   लगाया तो वह बंद मिला। करीब एक घंटे बाद गंगनहर पटरी पर उन्हें एक दुर्घटनाग्रस्त कार दिखाई दी। छोटे भाई ने पहचान ली यह कार नसीम की थी। मां ने उतरकर देखा तो नसीम और उनकी पत्नी कार में फंसे हुए थे। नसीम पल-पल निढाल होता जा रहा था। बेटे को दम तोड़ता देख मां बिलखती रही। नसीम को बाहर निकाला तो उसकी मौत हो चुकी थी।

हादसे में क्षतिग्रस्त कार

अफसाना के चार बेटियां व दो बेटे थे। नसीम सबसे बड़ा बेटा था। घर की सारी जिम्मेदारी उसी के कंधो पर थी। अफसाना ने बताया कि उन्होंने बेटे के साथ ही चलने को कहा था। लेकिन, उसने सवारी लेकर जाने की बात कहते हुए उन्हें व छोटे भाई को दूसरी कार में आने को कह दिया। नसीम ने ड्राइवर को फोन करके कहा था कि उन्हें मीरापुर में उतार दे। रात साढ़े 12 बजे नसीम का मोबाइल बंद आने पर वह परेशान हो गईं। अफसाना ने बताया कि अगर उनका छोटा बेटा जैद नसीम की कार को नहीं पहचानता तो वह आगे निकल जातीं।

हादसे के बाद पलटा ट्रक

नहीं जानती थी कि मेरा ही बेटा फंसा है

अफसाना ने बताया कि, गंगनहर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त कार को पुलिस और लोगों ने घेर रखा था। लोगों की आवाजें सुनाई आ रही थी, बेचारा कार में फंसा तड़प रहा है, पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। मुझे क्या पता था कि कार में मेरा ही बेटा नसीम है। बेटे की सांस चल रही थीं लेकिन धीरे-धीरे उसकी धड़कन शांत होती चली गई।


रोती बिलखती मृतक की मां

बेसहारा हुए तीन बच्चे 

हादसे में नसीम और उसकी पत्नी की मौत के बाद उसके तीनों बच्चे बेसहारा हो गए। पिता मधुमेह से पीड़ित होने के कारण मेहनत-मजदूरी करने में भी असमर्थ हैं। वहीं, हादसे में नागल सोती निवासी शहबान का हाथ कट गया। हालांकि, उसकी हालत खतरे से बाहर है।