अपने ही जिलाधिकारी के खिलाफ धरने पर बैठे यूपी के प्रतापगढ़ में एसडीएम

– राजेश मिश्र

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar pradesh) में प्रतापगढ़ जिले में एक उपजिलाधिकारी (एसडीएम) (SDM) अपने ही जिलाधिकारी पर भ्रष्टाचार (Corruption) का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए हैं. एसडीएम का आरोप है कि डीएम साहब ने उन पर एक मामले में माकूल रिपोर्ट लगाने का दबाव बनाया और न मानने पर उनका कैरियर खत्म करने की धमकी दी. मामले की शिकायत लेकर पहुंचे एसडीएम सुनवाई न होने पर अपने ही जिलाधिकारी (Collector) के सरकारी आवास पर उनके चैंबर में धरने पर बैठ गए.

डीएम आवास के अंदर धरने पर बैठे एसडीएम विनीत उपाध्याय का कहना है कि जब तक राजधानी में बैठे आलाधिकारी मामले को नहीं सुनते व दखल नहीं देते हैं उनका धरना जारी रहेगा. उधर जिलाधिकारी प्रतापगढ़ रुपेश कुमार ने अपने घर पर पुलिस बुला ली है और मीडिया सहित किन्हीं भी लोगों को अंदर जाने से रोक दिया है. आखिरी खबर मिलने तक प्रतापगढ़ के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) समेत भारी पुलिस बल डीएम आवास के अंदर मौजूद था और धरना दे रहे एसडीएम को समझाने का प्रयास चल रहा था.

जिलाधिकारी आवास के भीतर धरने पर बैठे विनीत उपाध्याय प्रतापगढ़ में एसडीएम अतिरिक्त के पद पर तैनात है. बताया जा रहा है कि भ्रष्ट अफसरशाही के खिलाफ उन्होंने डीएम आवास पर धरना शुरू किया है. प्रतापगढ़ से मिली जानकारी के मुताबिक लालगंज इलाके में संचालित स्कूल का सही रिपोर्ट लगाने पर एसडीएम पर दबाव बनाया गया. एसडीएम की ओर से माकूल रिपोर्ट न लगाने पर डीएम के उपर फाइल को दबाने का आरोप एसडीएम ने लगाया है. भ्रष्टतंत्र के खेल में डीएम की संलिप्तता पर नाराज़ एसडीएम ने आज जिलाधिकारी के घर धरना दे दिया. जिस समय एसडीएम विनीत उपाध्याय शिकायत लेकर जिलाधिकारी आवास पहुंचे थे तो उनकी पत्नी भी साथ थीं. जिलाधिकारी के बुरा भला कहने के बाद नाराज एसडीएम अपनी पत्नी के साथ ही धरने पर बैठ गए.

प्रतापगढ़ जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि साल 2019 में एसडीएम  विनीत ने अपने गनर की राइफ़ल छीन कर एक वकील पर तान दी थी जिसकी जाँच नियुक्ति विभाग से जिलाधिकरी को भेजी गयी थी, एडीएम जाँच कर रहे हैं. विनीत उपाध्याय अपने पक्ष में रिपोर्ट लगवाना चाहते थे जिसमें सफल नहीं हो पाए जिसके बाद उन्होंने डीएम पर भी आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू कर दिया और अब ये धरना दे रहे हैं.

गौरतलब है कि प्रतापगढ़ जिले में बीते कुछ समय से अपराध चरम सीमा पर बढ़ा हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि  कोरोना जैसी महामारी के समय जिला अधिकारी प्रतापगढ़ रूपेश कुमार अपना बंगला छोड़कर कचहरी में बहुत कम समय देते हैं जबकि मुख्यमंत्री का आदेश है 2 घंटे जनता दर्शन करने का परंतु जिलाधिकारी पर कोई असर ही नहीं पड़ता.

अभी एक ताजा घटना एसडीएम विनीत उपाध्याय पर दबाव बनाकर किसी पत्रावली छेड़छाड़ कराना चाहते थे एसडीएम ने मना कर दिया तो बदतमीजी की और दबाव बनाने लगे कि तुम्हारा कैरियर खत्म कर देंगे.