शर्मसार : महिला के ऊपर बैठा पुलिस, फोटो शेयर कर अखिलेश ने भाजपा पर साधा निशाना, लोगों ने मामले का वीडियो शेयर कर पलटा खेल

    उत्तरप्रदेश : अक्सर ऐसा होता है की जो हमे दिखाया जाता हैं या हम देखते हैं उसपर विश्वास करते हैं। वैसेही अपना विचार निर्धारित करते हैं। पर वाकई में जो हम देख रहे हैं या हमे दिखाया जा रहा है वो सही है? जी नहीं हम जो देखते है वो हमेशा सही नहीं होता। दरसल उत्तरप्रदेश से ऐसा ही मामला सामने आया हैं। राजनीती एक ऐसा गलियारा है जहां विरोधी नेताओं की छवि खराब करने के लिए नेता कुछ भी कर सकते है। 

    समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अखिलेश यादव ने शनिवार को ट्विटर पर एक फोटो शेयर कर भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा है। फोटो पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के कृपापात्र बने कुछ पुलिसकर्मियों के कारण पूरे प्रदेश की पुलिस की छवि धूमिल हो रही है। शेयर किए गए फोटो में ऐसा लग रहा है कि एक पुलिसकर्मी, किसी महिला के साथ मारपीट कर रहा है। लेकिन जैसा की फोटो में दिखाया गया है वह सच नहीं हैं तो चलिए जानते हैं  क्या है  पूरा मामला…. 

    एक घटना के सहारे राजनीती की साजिश 

     

    उत्तरप्रदेश में भाजपा सरकार की छवि खराब करने के लिए अखिलेश यादव ने लिया सोशल मिडीया का सहारा। जी हां सही तथ्यों के आधार पर आपको ये मामला क्या है ये समझाते है। अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद इस घटना से जुड़े वीडियो ऑनलाइन वायरल हुए, जिनसे यह पता चलता है कि अखिलेश यादव ने भ्रामक फोटो का उपयोग किया है। अखिलेश यादव ने शेयर की हुई फोटो में कितनी सच्चाई है ये @isinghDeepanshu इस नाम के अकाउंट बताया। दरसल @isinghDeepanshu नाम के एक ट्विटर यूजर ने 8 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें देखा जा सकता है कि महिला ने ही पुलिसकर्मी का गला पकड़ कर उसे नीचे खींचा था। ऐसा ही वीडियो कानपुर देहात पुलिस के ट्विटर हैन्डल से भी शेयर किया गया।

    महिला ने पुलिस को फसाया

     

    अखिलेश यादव ने शेयर किये हुये फोटो में दिख रहा हैं की महिला के ऊपर पुलिस बैठा है पर असल में वाकिया कुछ और ही है। एक दूसरे वीडियो में पुलिसकर्मी को फसाने के लिए महिला को अपना ब्लाउज उतारने की कोशिश करते हुए देखा गया। वीडियो में एक व्यक्ति को पुलिस वाले को उकसाते हुए भी देखा गया जबकि पुलिसकर्मी चुपचाप खड़ा था। इन वीडियो से यही पता चलता है कि अखिलेश यादव के दावे के विपरीत पुलिसकर्मी निर्दोष है, हालांकि UP पुलिस द्वारा फिर भी जांच कराई जा रही है।

    पुलिस के साथ दुर्व्यवहार- कानपुर देहात पुलिस 

    कानपुर देहात पुलिस के द्वारा जारी किए गए वक्तव्य के मुताबिक उक्त पुलिसकर्मी एक आरोपित को गिरफ्तार करने के लिए गांव गया हुआ था, जहां  एक दूसरे व्यक्ति द्वारा उस पुलिसकर्मी के साथ बदतमीजी की गई और इसी दौरान बदतमीजी करने वाले व्यक्ति के संबंधियों ने भी पुलिसकर्मी का विरोध किया, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस के वक्तव्य में बताया गया कि उनमें से एक महिला ने पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ा और उसे नीचे खींच लिया।

     

    वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर लोगों को भड़काने की कोशिश 

    सोशल मिडीया एक ऐसा माध्यम हैं जहां अच्छे बातों की सरहाना होती है, तो बुराई का भी विरोध होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अखिलेश ने आम लोगों भड़काने की कोशिश की है। लेकिन बुराई पर अच्छाई की जीत होती है। लोगों ने वीडियो शेयर कर पूरा मामला सामने लाकर रखा है। पुलिस ने आगे बताया कि इसी वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर घटना को दूसरा रूप दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने के लिए वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर किया गया है और क्षेत्राधिकारी से जांच कराई जा रही है। 

    लोगों ने महिला के चंगुल से पुलिस को छुड़ाया 

     

    कानपुर देहात पुलिस अधीक्षक के द्वारा भी एक वीडियो जारी करके बताया गया है कि कई प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिसकर्मी को महिला के चंगुल से छुड़ाने का प्रयास किया और जैसा कि वीडियो में दिखाई दे भी रहा है कि महिला की पकड़ से छूटने के बाद पुलिसकर्मी वहां से दूर चला गया था। इस वीडियो में यह भी कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

    नेता देश के लिए हो या प्रदेश के लिए निपक्ष होकर निर्णय लेना चाहिए पर ऐसा अक्सर होता नहीं। यह पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रश्न उठाया हो। हाल ही में जब अलकायदा के दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बारे उनसे पूछा गया था, तब उन्होंने कहा था कि वो यूपी पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कार्रवाई पर भरोसा नहीं कर सकता। अखिलेश यादव (पूर्व मुख्यमंत्री, जिनके लिए कभी पूरे राज्य की पुलिस काम करती थी, उन्हें सुरक्षा देती थी) ने यह तब कहा था जबकि गिरफ्तार किए गए ये आतंकी ‘मानव बम’ का भी उपयोग करते हुए राज्य में कई जगहों पर धमाके करने की फिराक में थे।