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  • 17 अक्टूबर नवरात्रि की शुरुआत से दिसम्बर अंत तक रहेगा त्योहारी सीजन
  • योगी सरकार ने आगामी इन त्यौहारों के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर नहीं दी ज्‍यादा छूट

-राजेश मिश्र

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 17 अक्टूबर नवरात्रि की शुरुआत के बाद से ही त्योहारों का सीजन शुरू होने जा रहा है. दिसम्बर अंत तक चलने वाले इस सीजन में हिन्दुओं की दशहरा व दीपावली, मुस्लिमों का बारावफात, ईसाईयों का क्रिसमस तो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व छठ पूजा भी शामिल है. योगी सरकार की चिंता इसी बात की है कि लोग श्रद्धा और उल्लास में कोरोना प्रोटोकाल का उल्लंघन कर कहीं उस महामारी को दावत न दे दें जिससे आज पूरी दुनिया ग्रसित है.

त्योहारी सीजन और कोरोना महामारी को लेकर सजग प्रदेश सरकार ने जारी किया गाईडलाइन

कोरोना महामारी को लेकर सक्रिय व सजग उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए जरूरी मंथन करते हुए एक गाईडलाइन जारी किया है ताकि कोरोना से बचाव के मानकों को पूरा करते हुए लोग इस त्योहारी सीजन को मना सकें. इस त्योहारी सीजन में कोरोना संक्रमण के फैलाव और इसके इलाज के लिए जरूरी सभी दिशा निर्देश भी सम्बंधित विभागों व अधिकारियों के पास भेजा गया है. सरकार ने 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले 13 प्रमुख त्योहारों जैसे दुर्गा पूजा, दि‍वाली, दशहरा, बारावफात, छठ पूजा और क्रिसमस को लेकर व‍िशेष तैयारी की है. देश में बढ़ती महामारी के प्रकोप को देखते हुए योगी सरकार ने आगामी इन त्यौहारों के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर ज्‍यादा छूट नहीं दी है. कोरोना के प्रकोप और त्योहारी सीजन को लेकर सक्रिय उत्तर प्रदेश सरकार ने समस्त एहतियाती तैयारियां करते हुए शुक्रवार को इसके लिए एक गाईडलाइन जारी किया. गाइडलाइंस में अक्टूबर से दिसंबर तक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किये जाने को लेकर सभी जिला प्रशासन, ड‍िवीजन और पुलिस विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं.

17 अक्टूबर नवरात्रि की शुरुआत से दिसम्बर तक लगभग सभी धर्मों के एक दर्जन से प्रमुख त्योहारों को लेकर सरकार की तैयारी, जारी किये आदेश

मुख्य सचिव द्वारा जारी गाइडलाइंस में सभी जिला प्रशासन, ड‍िवीजन और पुलिस विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं कि अक्टूबर से दिसंबर तक त्योहारी सीजन को देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए. सरकार ने 17 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरूआत और दिसंबर अंत तक होने वाले एक दर्जन से ज्यादा प्रमुख त्योहारों और इसमें होने वाले आयोजनों को लेकर व‍िशेष तैयारी की है. करीब डेढ़ महीने के इस समय में करीब सभी धर्मों के प्रमुख त्यौहार मनाये जाते हैं. इसमें दुर्गा पूजा, दि‍वाली, दशहरा, बारावफात, पूर्वांचल की छठ पूजा और क्रिसमस जैसे त्योहार शामिल हैं. 

यूपी सरकार की तरफ से जारी हुए निर्देश में कैंटोनमेंट जोन में किसी भी त्यौहार की गतिविधि की इजाजत नही दी गयी है. इसके साथ ही कंटोनमेंट जोन से कोई भी व्यक्ति किसी आयोजन में नही जा सकेगा. पुलिस की जिम्मेदारी होगी कि चौराहों पर कोई भी मूर्ति या फिर ताजिया न रखी जाए. वहीं आयोजनकर्ता को मूर्ति स्थापना, मेला, जागरण के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा किसी भी कार्यक्रम जैसे जयंती, मेला, प्रतिमा स्थापना और विसर्जन, रामलीला आदि के आयोजन के लिए पुलिस कमिश्नर या डीएम से अनुमति को जरूरी किया गया है. कोरोना को देखते हुए सड़कों पर मूर्तियों की स्थापना की इजाजत नहीं दी गई है.

कंटेनमेंट जोन में किसी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं, मास्क के साथ ही सैनिटाइजर और थर्मल स्कैन‍िंग को किया जरूरी

सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार कंटेनमेंट जोन में किसी भी त्योहार का आयोजन करने की अनुमति नहीं दिए जाने के साथ ही कंटेनमेंट जोन से किसी भी आयोजक, कर्मचारी अथवा दर्शक को आयोजन में आने की अनुमति भी नहीं होगी. कंटेंनमेंट जोन भी  किसी भी तरह के कार्यक्रम को आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही सामाजिक और धार्मिक जैसे कार्यक्रम वाली जगहों पर एक विशेष कमरे की व्यवस्था करना होगा, जिससे संदिग्ध कोरोना मरीज को स्वास्थ्य टीम की तरफ से जांच तक रखा जाए. साथ ही आयोजन स्थल पर सैनिटाइजर और थर्मल स्कैन‍िंग को अनिवार्य किया गया है. लोगों के बीच सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन कराने के ल‍िए फर्श पर गोल घेरा बनाने के साथ ही आने और जाने वालों के लिए वाले के लिए अलग रास्‍ता या गेट होना जरूरी किया गया है. कार्यक्रम के दौरान सभी लोगों को हर समय मास्क पहनना आवश्यक होगा तो 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गई है.

वातानुकूलित स्थानों में तापमान, क्रॉस वेंटिलेशन के मानक भी तय, सामूहिक प्रयोग वाले हैंडल, लिफ्ट बटन की सफाई रोज

वातानुकूलित स्थानों में तापमान, क्रॉस वेंटिलेशन के मानक भी तय किये गये हैं तो सामूहिक प्रयोग वाले हैंडल, लिफ्ट बटन की सफाई भी रोज किये जाना निर्देश में आवश्यक बताया गया है. वातानुकूलित स्थानों में 40-70% की आर्द्रता के साथ 24-30 डिग्री का तापमान क्रॉस वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त प्रावधान के साथ बनाए रखना जरूरी होगा. खाने व पीने की चीजों को डिस्पोजेबल ग्लास और प्लेटों में परोसे जाने की बात भी जारी निर्देश में शामिल है. सामूहिक प्रयोग में आने वाले दरवाजे के हैंडल, लिफ्ट बटन जैसे संपर्क स्थल हर रोज साफ किए जाने के अलावा पास के अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी आपात स्थिति के लिए मैप करना जरूरी होगा.