paryagraj

    प्रयागराज. प्राप्त ख़बरों के अनुसार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज (Prayagraj) में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बदमाशों के बीच एक भयंकर मुठभेड़ (Encounter) हुई। सूत्रों के अनुसार अरैल इलाके के कछार में हुई इस मुठभेड़ में दो बदमाश, वकील पाण्डेय (Vakil Pandey) उर्फ राजू पाण्डेय और अमज़द (Amjad) उर्फ पिंटू मारे गए हैं। यह भी बताया जा रहा है कि ये दोनों ही मुन्ना बजरंगी (Munna Bajrangi) और मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) गैंग के प्रमुख शूटर थे, लेकिन फिलहाल कुछ दिनों से दिलीप मिश्रा के लिए काम करते थे। 

    इनामी बदमाश थे दोनों :

    पुलिस की मानें तो, वकील पाण्डेय पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। खबर हैं कि इन दोनों ने रांची के होटवार जेल के प्रमुख जेल अधिकारी की हत्या की सुपारी ली थी। इसके साथ ही प्रयागराज में भी किसी प्रभावशाली व्यक्ति की हत्या की साजिश थी। लेकिन फिलहाल उस साज़िश की ताकीद हो रही है।

    इधर उत्तरप्रदेश STF का कहना है कि वकील पाण्डेय और उसका साथी अमजद दोनों ही भदोही के निवासी है। इस खतरनाक एनकाउंटर के बाद पुलिस को मौके से 30 और 9 M।M की पिस्टल व कुछ जिन्दा कारतूस व खोखा के साथ एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। गौरतलब है कि बीते साल 2020 में भदोही के विधायक विजय मिश्रा ने वकील पाण्डेय से अपनी जान को खतरा भी बताया था।

    इन दोनों वकील पाण्डेय और अमज़द ने अन्य साथियों के साथ मिलकर बीते 2013 में मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी के इशारे पर वाराणसी के तत्कालीन डिप्टी जेलर अनिल कुमार त्यागी की दिनदहाड़े निर्मम हत्या भी कर डाली थी। वहीं साल 2020 में माफिया दिलीप मिश्रा के कॉलेज से गिरफ्तार खान मुबारक गैंग के शार्प शूटर नीरज सिंह ने कुछ सपा नेताओं की हत्या की साजिश रचने का खुलासा किया था, जिसमें ये दोनों भी प्रमुख रूप से शामिल थे।

    बन रही थी रांची जेल अधिकारी की हत्या की साजिश: 

    यह भी बताया जा रहा है कि धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या में शामिल मुन्ना बजरंगी का शार्प शूटर अमन सिंह इन दिनों रांची के होटवार जेल में बंद है। उसके कहने पर ही वकील पाण्डेय और अमजद अपने साथियों के साथ मिलकर होटवार जेल के जेल अधिकारी की हत्या की साजिश भी रच रहे थे। वहीं बीते फ़रवरी 2021 को इनका एक साथी अयोध्या में पुलिस द्वारा पकड़ा गया था, जिस कारण यह घटना तब वैसे ही रूक गई थी।

    इधर पुलिस का यह भी दावा है कि दोनों बदमाश प्रयागराज में किसी बड़े कद्दावर राजनैतिक व्यक्ति की हत्या के जुगाड़ में भी थे। विदित हो कि मृतक बदमाश वकील पाण्डेय पर करीब 20 और उसके साथी अमजद पर करीब 24 मुकदमे दर्ज हैं। खबर लिखने तक वकील पाण्डेय और अमजद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही इनके एनी साथियों की पतासाजी के लिए पुलिस और उत्तर प्रदेश STF ने अपनी तलाश तेज भी कर दी है।