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प्रतापगढ़ (उप्र). उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में शुक्रवार को जिलाधिकारी आवास पर घटित एक अभूतपूर्व घटना में उपजिलाधिकारी (SDM) विनीत उपाध्याय जिलाधिकारी (DM) पर गम्भीर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गये। जिलाधिकारी से बातचीत के बाद उपाध्याय ने देर शाम धरना खत्म कर दिया। अब इन्ही अपर जिलाधिकारी (SDM) विनीत उपाध्याय  को अनुशासनहीनता के चलते सेवाओं से निलंबित कर दिया गया है ।

अपर जिलाधिकारी (SDM) शत्रोहन वैश्य ने इस वक्त कुंडा तहसील में उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के पद पर तैनात उपाध्याय के जिलाधिकारी आवास पर धरने पर बैठने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी रूपेश कुमार ने इस सिलसिले में शासन को रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में लालगंज तहसील में तैनाती के दौरान उप जिलाधिकारी विनीत उपाध्याय और अधिवक्ताओं के बीच कुछ विवाद हुआ था।

उस वक्त उन्होंने गार्ड की राइफल छीन कर अधिवक्ताओं पर तानते हुए अभ्रदता की थी। अधिवक्ता संघ ने शासन से इसकी शिकायत की थी और उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दाखिल की थी। वैश्य ने बताया, ”शासन ने इस प्रकरण की जांच करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित किया था। जिलाधिकारी रूपेश कुमार ने मुझे यह जांच सौंपी थी। आदेश पर मैंने जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी जिसमें एक लाइन उप जिलाधिकारी विनीत उपाध्याय के विरुद्ध थी। उपाध्याय को जांच रिपोर्ट की एक प्रति गत 22 सितम्बर को दी गयी थी।”

उन्होंने बताया कि इससे नाराज उपाध्याय शुक्रवार को जिलाधिकारी के आवास पर पहुंचे और उनके कक्ष में धरने पर बैठ गये। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उपाध्याय का यह आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है लिहाजा उन्हें निलम्बित किया जा सकता है। इस बारे में उपजिलाधिकारी उपाध्याय से बात करने की कोशिश की गयी लेकिन बात नहीं हो सकी। वहीं खबर लिखने तक यह भी पता चला है कि अपर जिलाधिकारी (SDM) विनीत उपाध्याय  को अनुशासनहीनता के चलते सेवाओं से निलंबित कर दिया गया है ।