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    -राजेश मिश्र

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश का मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर में धवस्त हो चुके कपड़ा कारोबार और चमड़े के काम को संवारने के लिए योगी सरकार ने पहल की है. कानपुर में 5850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे मेगा लेदर पार्क के साथ ही 350 करोड़ रुपये के निवेश के साथ दो नए टेक्सटाइल कारखानों की स्थापना की जा चुकी है. बीते तीन सालों में कानपुर को 23 उद्यम लगाने के प्रस्ताव मिले हैं.

    औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों से प्रभावित होकर अब बड़े- बड़े उद्योगपति कानपुर में टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्र में अपनी इंडस्ट्री  लगा रहे हैं. बीते तीन सालों में कानपुर शहर और कानपुर देहात में उद्योगों की स्थापना को लेकर 23 प्रस्ताव मिले हैं. करीब चार हजार करोड़ रुपए के इन निवेश प्रस्तावों के जमीन पर उतरने से करीब सात हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. निवेश संबंधी 23 प्रस्तावों में से 11 पर काम लगभग पूरा होकर कारखाने तैयार हो चुके हैं और उत्पादन शुरू करने की स्थिति में हैं.

    अधिकारियों के अनुसार, आरपी पॉलीपैक्स ने कानपुर में डेढ़ सौ करोड़ रुपए का निवेश कर टेक्सटाइल फैक्ट्री का निर्माण किया है. कानपुर प्लास्टिक लिमिटेड ने कानपुर देहात में दो सौ करोड़ रुपए की लागत से टेक्सटाइल फैक्ट्री बनाई है. इन कंपनियों में उत्पादन शुरू हो गया है. इसके अलावा स्पर्श इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने कानपुर देहात में 600 करोड़ रुपए का निवेश प्लास्टिक फैक्टी के निर्माण पर किया है. कानपुर देहात में ही रिमझिम इस्पात कंपनी 550 करोड़ रुपए का निवेश कर स्टील रोलिंग मिल का निर्माण करा रही है. बहुमंजिली इमारत में गैर प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई योजना के तहत कानपुर में प्रदेश की फ्लैटेड फैक्ट्री लगाने पर भी कार्य शुरू हो गया है.

    राज्य सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक कानपुर के लिए और खासकर चमड़ा उद्योग के लिए  गेमचेंजर साबित होने वाले मेगा लेदर पार्क की स्थापना का काम तेजी से हो रहा है. यह  लेदर पार्क कानपुर के रमईपुर गांव में बन रहा है जिसके 235 एकड़ में जमीन अधिग्रहित हो चुकी है. केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की मंजूरी इस पार्क की स्थापना के लिए मिल चुकी है. कानपुर में स्थापित हो रहा यह देश में पहला लेदर पार्क होगा. इसकी स्थापना होने से कानपुर देश के दस बड़े लेदर मैन्युफैक्चरिंग राज्यों में अपने स्थान को और बेहतर करने में सफल होगा. 

    कानपुर में मेगा लेदर क्लस्टर प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले लेदर पार्क में 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. जबकि डेढ़ लाख लोग परोक्ष रूप से रोजगार पाएंगे. एक आकलन के मुताबिक डेढ़ सौ से अधिक टेनरी इस पार्क में कार्य करेगी. चमड़े से बने जूते, पर्स, जैकेट से लेकर अन्य  विश्वस्तरीय उत्पाद इस पार्क में बनाकर उनका निर्यात किया जा सकेगा.