पर्यटन में उत्तर प्रदेश ने मारी बाज़ी, 2019 के आए आंकड़े

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में रोजगार सृजन और समृद्धिशाली बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों के सार्थक परिणाम आने शुरू हो गये हैं. ताजा मिले आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में बाज़ी मारी है. योगी सरकार द्वारा पर्यटन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का ही परिणाम है कि इस साल पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला है. इसके पहले इस कोरोना महामारी के दौरान रोजगार देने में भी प्रदेश अव्वल रहा है. हांलांकि, कानून व्यवस्था सरकार के लिए अभी भी कभी-कभी सरदर्द साबित हो रही है. उत्तर प्रदेश में आगामी दो साल में तीन सौ नए पर्यटन स्थल तैयार हो जाने हैं.  

2019 में देसी पर्यटकों की दृष्टि से यूपी प्रथम स्थान, तो विदेशी पर्यटकों के लिहाज से तीसरा
पर्यटन के क्षेत्र में शायद यह पहली बार है कि देश में उत्तर प्रदेश को पहला स्थान मिला है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज कुंभ में 20 करोड़ से अधिक देसी-विदेशी पर्यटक आए थे. भारतीय पर्यटक सांख्यिकी के अनुसार, 2019 में पर्यटकों की संख्या के हिसाब से यूपी देश में पहले नंबर पर रहा है. 2019 में प्रदेश में पर्यटकों की कुल संख्या 53 करोड़ 58 लाख  55 हजार 162 रही थी. इनमें  47 लाख 45 हजार 181 विदेशी रहे. यूपी में धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ प्राकृतिक सौन्दर्य के भी अनेक सुगम स्थान पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं. यहाँ वन्यजीव आदि से जुड़े अनेक स्थान भी हैं. विविधतापूर्ण पर्यटन आकर्षण से समृद्ध होने तथा पर्यटकों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश, देश-विदेश में महत्वपूर्ण पर्यटन केन्द्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है. पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार 2019 में देशी पर्यटकों की दृष्टि से यूपी प्रथम स्थान पर, वहीं विदेशी पर्यटकों के लिहाज से तीसरे स्थान पर रहा है.

सीएम योगी की पर्यटन विकास योजनाओं को मिल रहे सार्थक परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए कई योजनाओं की घोषणा की जिसके सार्थक परिणाम मिल रहे हैं. प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार द्वारा रामायण सर्किट, बौद्ध सर्किट, महाभारत सर्किट, जैन सर्किट और ब्रज सर्किट का निर्माण कराया जा रहा है. प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं से विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास कराया जा रहा है. प्रदेश सरकार ने परंपरागत मेलों के आयोजन भी बड़े पैमाने पर कराए हैं. अयोध्या में दीपोत्सव, बरसाने की होली और काशी की गंगा आरती जैसे बड़े आयोजन कराए जा रहे हैं.

पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश में अनेक परिपथ चिन्हित किये गए हैं. इसमें रामायण सर्किट, बृज सर्किट, महाभारत सर्किट, शक्तिपीठ सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, जैन सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट आदि प्रमुख हैं इन परिपथों के सभी पर्यटक स्थलों के उच्चीकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है.

आगामी दो साल में तैयार होंगे तीन सौ नए पर्यटन स्थल 
बताते चलें कि, अगले दो साल में करीब तीन सौ से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नया पर्यटन स्थल तैयार हो जाएगा. इस तरह उत्तर प्रदेश में आगामी दो साल में तीन सौ नए पर्यटन स्थल तैयार हो जाने हैं. मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत पर्यटन विभाग को करीब 400 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक पर्यटन स्थल विकसित करने का प्रस्ताव है. योजना को कैबिनेट से मंजूरी के बाद, पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू कर दी गयी है. योजना के तहत विधानसभा क्षेत्रों में स्थित महत्वपूर्ण धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राचीन सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.

चयनित स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में किया जा रहा विकसित
चयनित स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए वहां चारदीवारी निर्माण, बेंचों का निर्माण, साइनेज, पेयजल, स्टोर रूम, लॉकर, जूताघर, चबूतरा, रेलिंग, फेंसिंग, पाथ-वे, इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य कराए जाएंगे. स्थल के सौंदर्यीकरण, पार्किंग की व्यवस्था, गेट, प्रकाश व्यवस्था, इंडिया मार्का हैंडपंप, सुलभ प्रसाधन, संपर्क मार्ग के कार्य भी कराए जाएंगे. हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल के विकास के लिए पचास लाख रुपये प्रदेश सरकार देगी. शेष राशि संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायक की विधायक निधि और जिले में स्थित कंपनियों, उद्योगों के सीएसआर फंड से ली जाएगी. एक पर्यटन स्थल को विकसित करने में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे. 

– राजेश मिश्र