Big decision of Yogi government of UP, cases filed against common people will be taken back during lockdown

    लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) ने ऐलान किया कि जेवर एयरपोर्ट के पास एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाई जाएगी। प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। यूपी में कक्षा एक से आठ तक मुफ्त ड्रेस देने का काम किया जा रहा है।

    नहर परियोजना हेतु 976 करोड़ रुपये, सरयू नहर परियोजना हेतु 610 करोड़ रुपये, पूर्वी गंगा नहर परियोजना हेतु 271 करोड़ रुपये तथा केन बेतवा लिंक नहर परियोजना हेतु 104 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।

    तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश में ऑपरेशनल एयरपोर्ट्स की संख्या 4 से बढ़कर 7 हो गई। जनपद अयोध्या में निर्माणाधीन एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा अयोध्या होगा इस हेतु 101 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित।

    वित्त मंत्री ने बजट भाषण में ऐलान किया कि आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है, लखनऊ-पीलीभीत में आयुर्वेद विद्यालयों का काम किया जा रहा है। 

    वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अयोध्या स्थित सूर्यकुण्ड के विकास सहित अयोध्या नगरी के सर्वांगीण विकास की योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट 140 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है। लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित छै।

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने ऐलान किया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना लाई जा रही है, जिससे श्रमिकों को मदद की जाएगी। महिला श्रमकों को बराबरी की दिहाड़ी दिलाने के लिए सलाहकार कमेटी बनाई गई है। प्रदेश के 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे, जहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। 

    सीएम योगी (CM Yogi) का हर वित्तीय वर्ष में बजट का आकार बढ़ाता है इसलिए पांचवां बजट (Fifth Budget) भी विशाल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, वह भाजपा शासित राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिनकी देखरेख में लगातार पांचवीं बार बजट पेश किया जा रहा है।

    सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में अपना पहला बजट 3.84 लाख करोड़, 2018-19 में 4.28 लाख करोड़, 2019-20 में 4.79 लाख करोड़ और 2020 में 21 5.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया।

    किसानों, महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करने का पाँचवाँ बजट

    अब, पांचवां बजट भी विशाल होने की उम्मीद है, जिसमें यह किसानों, रोजगार, महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और चिकित्सा युवाओं और बुजुर्गों पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही, राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलने की संभावना है। विशेष रूप से कृषि और उद्योग क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।

    साथ ही, अयोध्या, काशी, मथुरा और यूपी के बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार बजट में फिल्म सिटी (Film City), बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) और गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के लिए भी प्रावधान कर सकती है।

    पहला ‘पेपरलेस’ बजट:

    दिलचस्प बात यह है कि “बजट 2021-22” यूपी सरकार का पहला पेपरलेस बजट होगा। यूपी बजट को पेपरलेस पेश करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यूपी के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) बुकलेट पढ़ने के बजाय स्क्रीन पर देखकर बजट पढ़ेंगे।

    सुरेश खन्ना ने बजट पेश करने के पारंपरिक तरीके में बदलाव के बारे में बात करते हुए कहा, “यह राज्य का पहला पेपरलेस बजट है जिसे विधानसभा में डिजिटल रूप से पेश किया जाएगा, जिसके लिए सभी तैयारियां और प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।”

    इससे पहले, सरकार के मंत्रियों, विधायकों और एमएलसी को आईपैड पर बजट का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे ऑनलाइन संस्कृति में अच्छी तरह से पारंगत हो सकें। विधानसभा में 11 से 13 फरवरी तक उनके लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया था।

    बजट ‘उत्तर प्रदेश सरकार के बजट’ ऐप पर उपलब्ध होगा, जिसे Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।