भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सपने को साकार करते हुए डिजिटल संस्कृति को अपनाया है। उनका मानना ​​था, “भारत एक स्थिर देश नहीं है। हम प्रगति कर रहे हैं। हम प्रवाह की स्थिति में हैं। हमारा समाज, हमारी अर्थव्यवस्था, विकास कर रही है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी इस विकास की कुंजी होनी चाहिए। ”