husband arrives at funeral after cycling 130 km

    इंदौर: कोरोना महामारी (Corona Virus) कितनी भयानक है अब तक पूरी दुनिया को इसका अंदाज़ा हो ही गया होगा। इस महामारी की वजह से रोज़ाना देश में हज़ारों लोग अपनी जान गवां रहे हैं। साथ ही इसकी वजह से लगे राजयों में लॉकडाउन (Lockdown) और नाईट कर्फ्यू (Night Curfew) लोगों की और परेशानियों को बढ़ा रहा है। ऐसे में कभी किसी को कुछ इमरजेंसी काम करना होता है तो बहुत दिक्कत भी आती है। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इन परेशानियों का बड़े साहस के साथ कर रहे हैं। एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से सामने आया है। जहां पत्नी के निधन की खबर सुनने के बाद पति 130 किलोमीटर साइकिल चलकर पत्नी की अंतिम यात्रा (Husband cycled 130 km and joined wife’s last journey) में शामिल हुआ। 

    इंदौर से 10 किलोमीटर दूर ग्राम तलावली में रहने वाले रवि शंकर पंवार की शादी सन 1986 में मालीपुरा आगर निवासी सुमन से हुई थी। मानसिक तौर से ठीक न होने की वजह से कुछ समय से सुमन अपने मायके में ही रह रही थी। लेकिन, कुछ दिनों पहले पैर फिसल जाने के कारण सुमन की हालत और नाजुक हो गई और 8 मई को सुमन का निधन हो गया। जब सुमन के परिजनों ने उसके पति रवि शंकर को यह शोक संदेश पहुंचा, तो उस समय रवि शंकर आने में इसलिए असमर्थ थे क्योंकि उनकी भाभी का उस दिन दसवां था। भाभी का उत्तराकर्म पूरा करवाने के बाद रवि शंकर ने आगर जाने का फैसला किया और साधन ढूंढने लगे। लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से उन्हें कोई भी साधन नहीं मिला इसलिए वह शाम 5 बजे अपने गांव से साइकिल पर ही निकल गए। लेकिन वह थोड़ा आगे चले थे कि अंधेरा हो गया। 

    पूरी रात अंधेरे में सड़क पर डाल थर्माप्लास्टिक की सफेद पट्टी देखकर रात को चलाते हुए अगले दिन सुबह पौने 7 बजे आगर आ गए। रवि शंकर ने बीच में मात्र एक घंटे विश्राम किया। रास्ते में उन्हें चाय, नाश्ता कुछ नहीं मिला क्योंकि कोरोना कर्फ्यू के चलते सभी जगह दुकानें बंद थी। रवि शंकर के पास जो थोड़ा बहुत खाने को था। वह रास्ते में खा लिया। पानी भी घर से लेकर आए थे वही पिया। रास्ते में उन्हें बहुत दिक्कत आई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 130 किलोमीटर का रास्ता 13 घंटे में तय कर अपनी पत्नी की अंतिम यात्रा में शामिल हो गए।