Iamge tweeted by ANI
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    नई दिल्ली: शिक्षा हर एक के लिए बेहद जरुरी हैं। शिक्षा से न केवल इंसान विकसित होता है बल्कि एक नायब व्यक्तित्व बनने के लिए शिक्षा ही महत्वपूर्ण माध्यम है।  राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना की तीसरी लहर के आने के बाद से ही सभी स्कूल बंद हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित ना हो इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस चलाई जा रही हैं, लेकिन ऐसे बहुत से बच्चे हैं जो मोबाइल नेटवर्क ना होने की वजह से ऑनलाइन क्लासेज अटेंड नहीं कर पा रहे हैं। दरअसल, ऐसे बहुत से इलाके हैं जहां नेटवर्क नहीं रहता।  जिसकी वजह से बच्चे क्लास अटेंड नहीं कर पाते है।

     70 लाख स्टूडेंट्स के पास नहीं हैं मोबाइल फोन्स

    आपको बता दें की राजस्थान के बाड़मेर जिल्हे में करीबन 70  लाख छात्रों के पास नहीं है मोबाइल फ़ोन्स, इसे देख राजस्थान शिक्षा विभाग निदेशक ने यह अनोखा अभियान शुरूकिया है. जिसके तहत सप्ताह में एक बार शिक्षक बच्चों के घर जाकर उन्हें पढ़ाएगी इस तरह ये बच्चे शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। बच्चों की इस परेशानी को समझते हुए बाड़मेर (Barmer) में कुछ टीचर्स ने एक अनोखा अभियान चलाया है।

    इस अभियान के तहत शिक्षक ऊंटों पर सवार होकर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे स्कूली छात्रों को पढ़ाने जाते हैं। गवर्नमेंट हायर सीनियर स्कूल भीमथल के प्रिंसिपल रूप सिंह जाखड़ और कुछ शिक्षक मिलकर इस अभियान को चला रहे हैं। प्रिंसिपल रूप सिंह ने इस अभियान के लिए अपने स्कूले के टीचरों की तारीफ करते हुए कहा है कि “मैं शिक्षकों की इस टीम को सलाम और धन्यवाद देता हूं। इस अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा ऐसी कोशिश रहेगी हम सब की। ”

    शिक्षा सामग्री का किया वितरण

     

    शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ा ही नहीं रहे बल्कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क और सेनेटाइजर सहित एक थैले में जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए कॉपी, किताबें,पेंसिल और पेन समेत अन्य शिक्षण सामग्री भी निशुल्क वितरित कर रहे हैं। प्रिसिंपल और शिक्षकों ने अपने स्तर पर दर्जनों विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई है।