अपने पालतू बंदर को प्रताड़ित कर यूं मज़े लेती थी सनकी महिला, अदालत ने सुनाया ये बड़ा फैसला

    ब्रिटेन: जानवर और इंसानों का रिश्ता (Human And Animals Relation) काफी अनोखा होता है। बेज़ुबान जानवर इंसानों के प्रति बेहद खास स्नेह रखते हैं, लेकिन कुछ लोग उनके इस स्नेह को समझ नहीं पाते और उन्हें काफी तकलीफ देते हैं। ऐसे लोग खासकर वो होते हैं, जिन्हें जानवर से जुड़ाव नहीं होता। लेकिन, आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने अपने पालतू बंदर (Pet Monkey) के साथ कुछ ऐसी हरकत की है, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस महिला ने अपने पालतू बंदर को इतना प्रताड़ित (Woman Torture Pet Monkey) किया कि अब उसे भारी जुर्माना भरने के बाद जेल भी जाना पड़ेगा। 

    बंदर को किया टॉर्चर 

    ब्रिटेन की एक स्थानीय अदालत ने इस महिला पर पालतू जानवर रखने पर बैन भी लगा दिया है। अब यह सनकी महिला किसी भी जानवर को पाल नहीं सकती। दरअसल, आमतौर पर जानवर पलने वाले लोग बेहद संवेदनशील होते हैं, लेकिन इसके विपरीत विकी नाम की यह महिला अपने सैडिस्टिक प्लेजर (Sadistic Pleasure) के लिए अपने ही पालतू बंदर को बहुत प्रताड़ित करती थी। उसे जबरन नशीली दवाओं का सेवन कराती थी और उसे टॉर्चर करती थी।

    बंदर को टॉयलेट में फ्लश करने की कोशिश 

    द सन की रिपोर्ट के अनुसार, महिला बेहद सनकी स्वभाव की थी। उसने एक बार अपने बंदर को टॉयलेट में फ्लश करने की भी कोशिश की थी। अदालत में महिला के टॉर्चर का एक वीडियो भी पेश किया था, जिसमें मिल्ली नमक बंदर को टॉयलेट में दुबककर बैठा देखा जा सकता है। वीडियो में विकी की डरावनी हंसी भी सुनी जा सकती थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने नशीली दवाओं के सेवन के आरोप में विकी के घर पर छापा मारा था।

    मिल्ली को खिलाती थी कोकीन  

    बंदर के साथ विकी जितने भी अत्याचार करती थी वह उसका वीडियो बना लेती थी। उसके फोन में ऐसे कई वीडियो भी हैं, जिसमें साफ़ देखा जा सकता था कि वह किस तरह अपने बंदर मिल्ली के साथ कैसा व्यवहार करती थी। इन वीडियो में से एक में तो विकी अपने बंदर को कोकीन देती हुई नजर आ रही थी। वह बंदर से अपनी उंगलियों पर लगी कोकीन को चाटने के लिए कहती थी। विकी के टॉर्चर यहीं खत्म नहीं होते, वह उसे सॉसेज, बर्गर और कबाब जैसी चीजें खाने के लिए देती थी और उसकी देखभाल भी नहीं करती थी। 

    अदालत ने सुनाई सजा 

    विकी के ये सब अत्याचार को देखते हुए अदालत ने उसे भविष्य में कोई भी पालतू जानवर रखने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा उसे जुर्माने के तौर पर लगभग 55 हजार रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया है। साथ ही उसे 120 घंटे के अवैतनिक काम के अलावा 3 महीने की सजा सुनाई गई थी।

    बंदर के दिल में बैठ गया था खौफ

    इस घटना के बाद मिल्ली से मिले रिहैबिटेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वह बंदर इतना डर गया था कि वह हर एक व्यक्ति से दूर भाग जाता था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि उन्होंने आज तक इतना डरा हुआ बंदर कभी नहीं देखा है। अपने रिहैबिटेशन के शुरुआती समय में बंदर किसी भी तेज आवाज या अचानक हुई हलचल को देखकर छिप जाता था। रिहैबिटेशन सेंटर में करीब दो साल रहने के बाद अब मिल्ली बंदर ठीक है और खुद को काफी सुरक्षित महसूस कर रही है।