बाप का साया है जरूरी, पिता की कोरोना से हुई थी मौत, याद में बेटे ने बनाया सिलिकॉन का स्टैच्यू

    नई दिल्ली : कोरोना महामारी (Corona) ने कई अपनों को हमसे जुदा कर दिया। जब कोई अपना हमें हमेशा के लिए छोड़कर जाता है, मानों ऐसा लगता है कि पूरी दुनिया ही खत्म हो गई हो। इस जख्म के साथ इंसान धीरे-धीरे जीना सिख जाता है, लेकिन साथ में रहती है  उनकी यादें और इसी खूबसूरत यादों को संजोने का एक बेटे ने किया है। इस बेटे ने जो किया है उसे जानकर आपकी आंखें भावुकता से नम हो जायेगी। इस आदर्श बेटे की प्रेरणादायक कहानी…. 

    इंस्पेक्टर पिता की हुई थी मौत 

    यह घटना महाराष्ट्र (Maharashtra) के सांगली जिले की है। यहां एक इंस्पेक्टर की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई थी। लेकिन इनके बेटे ने जो काम किया है, उससे कई लोग भावुक हो गए है। दरअसल इस बेटे ने अपने गुजरे हुए पिता की याद में एक सिलिकॉन स्टैच्यू बनाया है। ताकि पिता का प्रेम उन्हें हमेशा मिलता रहे। इस स्टैच्यू को देखने के बाद आपको लगेगा ही नहीं के ये कोई मूर्ति है। यह साक्षात जीवित के पिता लग रहे है। 

    पिता का प्यार सदा मिलता रहे 

    यह स्टैच्यू पिता की याद में बनाया है। ताकि पिता का प्रेम उनके जीवन में हमेशा बना रहे। इस तस्वीर में आप देख सकते है की इंस्पेक्टर अपनी वर्दी पहने हुए सोफे पर बैठे हुए है। यह सच्ची कहानी पिता और पुत्र के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। जैसे- जैसे लोग इस तस्वीर को देख रहे है, वैसे वो देखते ही बेहद भावुक हो रहे है। 

    महाराष्ट्र का पहला सिलिकॉन स्टैच्यू

    जब आप इस स्टैच्यू को देखेंगे तो इसका अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे की ये वाकई में कोई मूर्ति है या जीवित व्यक्ति है। स्टैच्यू बिकुल असली दिख रहा है। ये मूर्ति मानो बिलकुल जिंदा इंसान की तरह हों। इस मूर्ति को अरुण कोरे ने बनवाया है। उनका यह मानना है कि यह महाराष्ट्र का पहला सिलिकॉन स्टैच्यू है। इसे उन्होंने अपने पिता रावसाहेब कोरे की याद में बनवाया है। 

    कोरोना से हुई थी मृत्यु 

    इंस्पेक्टर रावसाहेब कोरे कि मृत्यु कोरोना संक्रमण की वजह से हुई थी। वो देश के लिए ड्यूटी कर रहे थे। मूर्ति को बनाने वाले मूर्तिकार का नाम श्रीधर है, इन्होने कड़ी मेहनत करके यह मूर्ति 5 महीने में बनाई है। जानकारी के अनुसार इस सिलिकॉन मूर्ति की लाइफ 30 साल तक होती है। इस मूर्ति को रोज कपड़े पहनाये जाते है ये दिखने में बिलकुल इंसान की तरह होती है।