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    पणजी. गोवा (Goa) में अपनी तरह के पहले मदिरा संग्रहालय (Feni Museum) में 1950 के दशक से भी पहले के परंपरागत पेय फेनी की बोतलों, मदिरा पीने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले गिलास, इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले लकड़ी के पुराने बर्तन और माप के उपकरण बरबस ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

    यह संग्रहालय काजू से बनने वाले परंपरागत पेय को बनाने की कला को समर्पित है। संग्रहालय के मालिक एवं स्थानीय उद्यमी नंदन कुडचाडकर ने कहा कि वे शराब पीने की आदत को बढ़ावा नहीं दे रहे हैं। यह दीर्घा तटीय राज्य में फेनी शराब की विशिष्ट और समृद्ध परंपरा को दर्शाती है। उन्होंने दावा किया कि यह शराब बनाने के इतिहास को समर्पित दुनिया का पहला संग्रहालय है। पणजी से लगभग 10 किमी दूर उत्तरी गोवा के समुद्र तटीय क्षेत्र में सिंक्वेरिम और कैंडोलिम पर्यटन केंद्रों को जोड़ने वाली व्यस्त गली पर 1,300 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित ‘म्यूजियम ऑफ अल्कोहल’ काजू से बनी राज्य की प्रसिद्ध शराब ‘फेनी’ के अतीत और वर्तमान की एक झलक प्रदान करता है।

    संग्रहालय के अंदर चार कमरों में मिट्टी के विभिन्न पुराने बर्तन, फेनी परोसते समय उपयोग किए जाने वाले 16वीं शताब्दी के माप उपकरण, प्राचीन लकड़ी का एक पात्र, फेनी की मादकता क्षमता मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक मापक और रूस से लाया गया एक दुर्लभ क्रिस्टल ऑस्ट्रेलियाई बियर गिलास समेत विश्वभर से एकत्रित कई दुर्लभ चीजें प्रदर्शन के लिए रखी गई हैं। कुडचाडकर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘संग्रहालय एक व्यस्त सड़क पर स्थित है, जहां मैं अपना कोई भी उपक्रम लगाकर पैसा कमा सकता था, लेकिन,मैंने इस परियोजना को यहां लगाने के बारे में सोचा क्योंकि मैं लोगों को हमारी समृद्ध विरासत दिखाना चाहता था।” उन्होंने कहा कि वे इस दीर्घा के माध्यम से लोगों को शराब पीने के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं।