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    भारत में आपको सभी जाति के लोग देखने को मिल जाएंगे। भारत में सभी जाति- धर्म की विविधताएं है। भारत विविधाओं का देश है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग आपस में मिलजुल कर रहे है। एक-दूसरे का साथ देते है। सदियों से मिलजुल कर एक दूसरे के साथ रहते है। लेकिन कई बार आपको जाति के नाम पर हिंसा और विवाद की खबरें आती रहती है। खासकर हिंदू और मुस्लिम में धर्म को लेकर विवाद झगड़े अक्सर होते रहते है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताएंगे जहां एक मस्जिद की देखरेख हिंदू समुदाय के लोग करते है।

    आपको बता दें कि बिहार में एक ऐसा गांव है, जहां कोई मुस्लिम नहीं रहते है। इस गांव में केवल हिन्दू समुदाय के लोग रहते है।  ऐसे में इस गांव में एक मस्जिद भी जिसका ध्यान हिन्दू समुदाय के लोग ही रखते हैं. रोज़ यहां साफ़-सफाई होती है।

    5 वक़्त का नमाज़ पढ़ा जाता है। यह सुनकर आपको हैरानी हो रही होगी। लेकिन यह असल कहानी है, जो भारत के लोगों को धर्म के नाम पर लड़ने से कुछ अलग देखने और सुनने मिला।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस अनोखे गांव का नाम माड़ी है, जो बिहार के नालंदा जिले में स्थित है। वहां स्थित मस्जिद की देखरेख रंगाई-पुताई का जिम्मा हिंदू समुदाय के लोगों ने लिया है। पहले इस गांव में मुस्लिम रहते थे। लेकिन कुछ समय बाद उनका गांव से पलायन हो गया। तब से ही इस मस्जिद की देखरेख हिंदू लोग ही करते है। ग्रामीणों का इसको लेकर कहना है कि हमें आजान तो नहीं आती है, मगर हम पेन ड्राइव की मदद से अजान की रस्म अदा करते हैं।

    यह मस्जिद हमारे आस्था से जुड़ी हुई है। मस्जिद में नियम के मुताबिक सुबह और शाम सफाई की जाती है, जिसका दायित्व यहीं के लोग निभाते हैं। लोग अपने घर में आई किसी विपदा को दूर करने के लिए मस्जिद के मजार पर खड़े होकर दुआ मांगते है। यह हमारे हिंदुस्तान की पहचान है।