
नई दिल्ली. चेन्नई (Chennai) से आ रही एक जुझारू खबर के अनुसार, यहां के दिव्यांग युवक गणेश मुरुगन (Ganesh Murugan) ने अपनी शारीरिक कमजोरी को लेकर मौजूद हालात समझौता नहीं किया, बल्कि वे खुद भी आत्मनिर्भर बन गए।
दोस्तों आज वे देश के ऐसे पहले डिलीवरी ब्वॉय हैं जो कि शहर में अपने व्हीलचेयर पर सफर करके फूड पार्सल पहुंचाते हैं। वहीं गणेश के बारे में IPS अधिकारी दीपांशु काबरा ने भी उनकी तस्वीर ट्विटर पर शेयर की और उनके बारे में बहुत ही बेहतरीन प्रेरक बातें लिखी हैं।
IPS दीपांशु काबरा ने ट्वीट किया कि, “मिलिए भारत के पहले व्हीलचेयर फूड डिलीवरी बॉय गणेश मुरुगन से। वे अपनी व्हीलचेयर पर सभी जगह फ़ूड डिलीवरी करते हैं। चेन्नई के दिव्यांग गणेश मुरुगन ने परिस्थितियों से समझौता किए बगैर अपना रास्ता निकाला और आत्मनिर्भरता की मजबूत राह थामी। आज वे उन सभी के लिए प्रेरणा हैं, जो मुसीबतों से लड़ने की जगह खुद झुक जाते हैं।”
मिलिए भारत के पहले व्हीलचेयर फूड डिलीवरी बॉय गणेश मुरुगन से.वे अपनी व्हीलचेयर पर फ़ूड डिलीवरी करते है.
चेन्नई के दिव्यांग गणेश मुरुगन ने परिस्थितियों से समझौता किए बगैर रास्ता निकाला और आत्मनिर्भरता की राह थामी.वे उन सभी के लिए प्रेरणा हैं जो मुसीबतों से लड़ने की जगह झुक जाते हैं pic.twitter.com/Y4QWR49JJg— Dipanshu Kabra (@ipskabra) June 21, 2022
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि ”गणेश की व्हीलचेयर बेहद खास है, जो कि IIT मद्रास में एक स्टार्ट-अप ने डिजाइन की है। टू-इन-वन मोटर से चालने वाली इस व्हीलचेयर को एक बटन दबाने पर ही अलग किया जा सकता है और इसका पिछला हिस्सा एक साधारण व्हीलचेयर में भी बदल जाता है। हमें चुनौतियों से निपटने का संकल्प लेना होता है और फिर रास्ते खुद बी खुद बनने लगते हैं।”
यह भी पता चला है कि, गणेश के लिए व्हीलचेयर बनाने वाली इस स्टार्ट-अप ने अब तक 1300 व्हीलचेयर बनाई हैं। वहीं इसे चार्ज करने में 4 घंटे का समय लगता है और एक बार चार्ज करने पर यह करीब 25 किलोमीटर का सफर भी तय करती है।
इधर IPS दीपांशु काबरा के ट्वीट पर यूजर्स ने बहुत सारी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दीं और सभी ने गणेश मुरुगन के जज्बे को सराहा। सच में गणेश मुरुगन के इस जज्बे और हिम्मत को हमारा सलाम।