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    नई दिल्ली. वैसे तो आपने ऐसे कई डॉक्टर के बारे में अनोखी बातें सुनी होंगी. लेकिन केरल (Kerala) पालघाट(Paalghat) के हड्डी रोग के विशेषज्ञ डॉ. एल प्रकाश (Dr. L. Prakash) ऐसे विरले व्यक्ति हैं, जिन्होंने मेडिकल की उच्च शिक्षा (MCH) विदेश में ली और अपनी सेवाएं दीं। लेकिन किसी कारण के चलते12 साल से ज्यादा जेल में रहे। लेकिन जेल में रहने के दौरान भी उन्होंने कई अमोखे अविष्कार किए। 

    इसके साथ ही डॉ. एल प्रकाश मेडिकल की 17 और नॉन मेडिकल की 142 किताबें भी लिखीं। साथ ही वे मेडिकल की 27 पुस्तकों के को-ऑथर भी हैं। इतना ही नहीं डॉक्टर साहब की अंग्रेजी, हिंदी के अलावा भी कई भाषाओं पर अच्छी पकड़ है। वे काफी दिनों तक मध्य प्रदेश में रहे। जहाँ अपने कुशल कार्य से पैसे भी खूब कमाए। इतना ही नहीं वे जादूगरी भी जानते हैं। लेकिन अब वे केरल के पालघाट में रहते हैं।

    जब जेल में बिना साधन किया कई जरूरतमंद कैदियों का इलाज

    डॉ. प्रकाश जेल में रहने के दौरान भी पीड़ितों का इलाज करना बंद नहीं किया, लेकिन वहां इलाज करने का कोई साधन नहीं था। इसके बावजूद जेल में रहने वाले कैदियों का अपने बहुमुखी हुनर से इलाज करते थे। जेल में रहने के दौरान उन्होंने अविष्कार भी किया। मसलन-बगैर किसी साधन के टूटी हड्‌डी का इलाज कैसे किया जाता है? बाद में इनका यह अविष्कार प्रकाश मेथड के नाम से भी खूब जाना जाने लगा। इतना ही नहीं अपना केस लड़ने के लिए उन्होंने खुद पढाई कर कानून की डिग्री भी हासिल की और अपना केस भी खुद लड़े।

    रिहा होने पर मरीजों की भीड़ देख हुए उत्साहित

    उन्हें लगा था कि जेल से रिहा होने पर अब उनके पास मरीज नहीं आएंगे। लेकिन घर पहुँचने पर मरीजों की भीड़ देखकर वे हैरान रह गए। हालाँकि वर्तमान में वह गिने-चुने मरीज ही देखते हैं।