A nurse who had done 5000 deliveries in Hingoli, Maharashtra, died while giving birth to her own child
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    उत्तर प्रदेश : भला एक इंसान का पुरे विधि- विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया तो वह व्यक्ति कुछ महीनों बाद जिंदा कैसे मिल सकता है। जी हां लेकिन ऐसा हुआ है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश से यह चौंकाने वाली घटना सामने आयी है। यह अजीबोगरीब मामला उत्तर प्रदेश के औरैया कोतवाली क्षेत्र का है, जहां डेढ़ माह पहले गायब हुई लड़की के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन अब उस युवती को पुलिस ने गुरुग्राम से खोज निकाला है। 

    पुलिस के सामने सवाल 

    यह बेहद हैरान कर देने वाली घटना है, इस घटना से वहा के सभी लोग दंग रह गए की आखिर ऐसे कैसे हो सकता है। अब पुलिस भी टेंशन में है और उनके सामने अब यह सवाल है कि जिस युवती के शव का अंतिम संस्कार किया गया फिर वह कौन थी? आपको बता दें इस तरह गलत शिनाख्त करने पर युवती के परिजनों पर कार्यवाही भी हो सकती है। 

    परिजनों का आरोप 

    आपको बता दें कि औरैया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से करीब डेढ़ माह पहले एक युवती लापता हुई थी। इस वजह से युवती के परिजनों भदौरा निवासी युवक अजय के खिलाफ मामला दर्ज किया था, परिवार वालों का आरोप था कि अजय ने युवती को बहलाकर साथ ले गया था। फिर पुलिस युवती की तलाश कर रही थी। इस दौरान गांव के बाहर यमुना नदी के पास एक युवती का शव मिला। इस पर पुलिस ने लापता युवती के परिवार वालों को बुलाकर उस शव की शिनाख्त कराई। 

    हैरान कर देने वाली घटना 

    इसके बाद युवती के पिता ने शव की पहचान की और उसे अपनी बेटी बताया। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिवार को सौंप दिया।परिजनों ने फिर उस शव का अंतिम संस्कार किया। तभी परिजन आरोपी अजय के खिलाफ मामला दर्ज कराने का दबाव बना रहे थे। तभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की तफ्तीश में पता चला जिसका अंतिम संस्कार किया गया उसकी उम्र 10 से 12 साल के बीच थी, जबकि जो युवती गायब हुई थी उसकी उम्र परिजनों ने 22 साल बताई थी। 

    इस तरह लगा लड़की का पता 

    जैसे ही यह बात सामने आयी पुलिस दंग रह गए। एसपी अभिषेक वर्मा के आदेश पर सर्विलांस टीम ने युवती का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाया। मोबाइल का लोकेशन पता चलते ही पुलिस ने लापता युवती का सुराग लगाकर उसे गुरुग्राम से बरामद कर लिया। युवती की बरामदगी के साथ ही पुलिस के लिए नदी किनारे मिला शव सिरदर्द बन गया है। 

    अब पुलिस उस शव की शिनाख्त कैसे करेगी? सीओ सिटी सुरेन्द्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बहुत हैरानी के बात है की आखिर घर वाले अपनी 22 वर्ष के बेटी की पहचान नहीं कर पाए और 12 साल के बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया।