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    कर्नाटक: आज भी समाज के लोगों में जात-पात को लेकर भेदभाव देखने को मिल जाता है। आज भी कुछ गांवों में भेदभाव जात-पात का मामला देखने को मिल जाता है। इस कड़ी से जुड़ा एक मामला कर्नाटक (Karnataka) के कोप्पल जिले (Koppal District) के हनुमासागर के पास मियापुरा गांव  से सामने आया है। जहां दलित बच्चे के मंदिर के अंदर जाने पर लोगों ने बच्चे के माता-पिता पर 23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। यह सुनकर हर कोई हैरान है।

    एक दलित परिवार का 2 साल का बच्चा हनुमान मंदिर के अंदर चला गया। यह मंदिर में दलितों को जाने की अनुमति नहीं है। दलित मंदिर के बाहर खड़े होकर ही भगवान की प्रार्थना करते है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के जन्मदिन पर बच्चे के पिता उसे हनुमान मंदिर ले गए थे। बच्चे के साथ बाहर खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे।  हालांकि, उत्साह में बच्चा भागकर मंदिर में  हनुमान भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर के अंदर चला गया और भगवान से प्रार्थना की और वापस आ गया।

    बता दें कि यह घटना 4 सितंबर की है। इस घटना के बाद  ऊंची जाति के ग्रामीणों ने मंदिर में दलित लड़के के प्रवेश के बाद अपवित्र मान लिया और इसे एक बड़ा मुद्दा बना दिया और बच्चे के माता-पिता को 23 हजार रूपये का जुर्माना लगा दिया।  जिसका इस्तेमाल मंदिर में शुद्धिकरण के लिए किया जाएगा।

    इस घटना की जानकारी पुलिस और अधिकारियो तक पहुंची, तो उन्होंने  समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को गांव भेज दिया गया है. अधिकारियों ने सभी ग्रामीणों के लिए भेदभाव के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया है।