अनोखा : एक ऐसा गांव जहां के लोग रहते हैं जमीन के अंदर, हैरान कर देगी इसके पीछे की वजह

    नई दिल्ली : कई बार हमारे सुनने में कुछ ऐसी बात होती है, जिस पर विश्वास करना बेहद मुश्किल होता है। आज हम आपको ऐसे ही एक जानकारी देनेवाले है जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दुनिया में कई ऐसी जगहें है जो बेहद अनोखी है। जिसके बारें में शायद कोई सोच भी नहीं सकता। जी हां दुनिया में एक ऐसा गांव है जहां लोग जमीन पर नहीं बल्कि जमीन के अंदर रहते है। आईये जानते है इस अनोखे गांव के बारे में…. 

    कूबर पेडी

    हम जिस अनोखे गांव की बात कर रहे है वो दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में स्थित ‘कूबर पेडी’ यह गांव है। आपको बता दें कि यहां सभी घर अंडरग्राउंड बने हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि ये घर बाहर से तो सामान्य लगते हैं लेकिन अंदर से होटल जैसे आलीशान मकान हैं। इतना ही नहीं बल्कि यहां लोग रहते भी है।

    गांव की खासियत

    इस गांव के बारे में जितना कहा जाए उतना कम ही है क्योंकि ये अपने भीतर कई तरह की खासियत लेकर है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां के सभी लोग जमीन के अंदर बने घरों में रहते हैं। अभी आप सोच रहे होंगे की आखिर लोग जमीन के भीतर कैसे रहते होंगे? तो हम आपको इस बात का भी जवाब दे रहे है। जमीन के अंदर बने ये घर बाहर से देखने में, तो काफी साधारण दिखते हैं, लेकिन अंदर में सुख-सुविधा की सारी चीजें मौजूद हैं। 

    ओपल के अंदर रहते है

    लोग दरअसल, कूबर पेडी इलाके में ओपल की कई खदानें हैं। बता दें कि ओपल की खाली पड़े खदानों में ही लोग रहते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ओपल क्या होता है? ओपल एक दूधिया रंग का कीमती पत्थर होता है। कूबर पेडी को दुनिया की ओपल राजधानी के तौर पर भी जाना जाता है। क्योंकि इस इलाके में दुनिया की सबसे अधिक ओपल की खदानें हैं। 

    इस वजह से रहते है जमीन के अंदर

    आपके भी मन में सवाल आया होगा आखिर कैसे ये लोग जमीं के अंदर रहते है और इसके पीछे क्या वजह है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां पर माइनिंग का काम 1915 में शुरू हुआ था। कूबर पेडी एक डेज़र्ट एरिया है इसलिए यहां पर गर्मियों में तापमान बहुत ज्यादा और सर्दियों में बहुत कम हो जाता है। इसके कारण यहां रहने वाले लोगों को बहुत तकलीफ को सामना करना पड़ता था। इसका यह हल निकाला गया कि लोगों को माइनिंग के बाद खाली बची खदानों में शिफ्ट कर दिया गया। 

    है इतनी आबादी

    कूबर पेड़ी रेतीला स्थान है, लेकिन इन अंडरग्राउंड घरों में न तो गर्मियो में A.C  की जरूरत पड़ती है और न ही सर्दियों में हीटर की। आज यहां पर ऐसे तकरीबन 1500 घर हैं, जिसमें कूबर पेडी की सम्पूर्ण आबादी रहती है। आपको बता दें कि इन्हें ‘डग-आउट्स’ कहा जाता है। 

    सुख-सुविधाओं से लैस घरे 

    इन अंडरग्राउंड घरों में हर तरह की सुख-सुविधा आसानी से मिलती है। कहा जाता है कि घर अंदर से बेहद ही खूबसूरत है। साथ ही यहां पर रहने के लिए न तो गर्मियों में एसी लगवाना पड़ता है और न ही सर्दियों में हीटर। साथ ही यहां पर बहुत-सी हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग भी कि जा चुकी है।

    इसके अलावा सन 2000 में ‘पिच ब्लैक’ की शूटिंग के बाद प्रोडक्शन टीम ने इस फिल्म में इस्तेमाल किया स्पेसशिप इसी गांव पर छोड़ दिया था। इसमे से में खासतौर लोग इस गांव को देखने जाना पसंद करते हैं। इस तरह यह गांव एक तरह का टूरिस्ट प्लेस बन गया है।