Private flight without clearance from UAE should not be allowed to land in India: DGCA

  • शिक्षक कर रहे टालमटोल, प्राप्त हुए 17 लाख 50 हजार

वर्धा. जिंदगी में हवाई सफर का आनंद मिले यह सपना सभी देखते है.किंतु स्कूल के जिवन में हवाई सफर का अवसर मिले तो छात्रों के लिये इससे बडी खुशी नही हो सकती.सरकारने इस दृष्टीकोन से आदिवासी छात्रों के लिये हवाई सफर की योजना आरंभ की.जिला परिषद के स्कूल में अध्यन करनेवाले आदिवासी छात्रों को सरकार की और से हवाई सफर कराया जाता है.जिसके लिये जिले के आठों पंचायत समिती के गुटशिक्षणाधिकारी से आदिवासी छात्रों की सुची मांगी गई थी. बावजूद इसके केवल 2 पंचायत समिती से सुची प्राप्त हुई.शिक्षकों की उदासिनता के चलते सुची प्राप्त नहीं होने के कारण आदिवासी छात्रों का हवाई सफर संकट में आ गया है. 

जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी डा. सचिन ओम्बासे की पहल से जिला नियोजन समिती के माध्यम से एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प के अंतर्गत निधी मंजूर कर 17 लाख 50 हजार रुपये जिप के खाते में जमा किए गये है. जिसके चलते जिले के आठों पंचायत समिती को सुची भेजने के लिए कहां गया था. किंतु शिक्षा विभाग की और से अनदेखी होने की बात सामने आयी है.आदिवासी छात्रों की सुची मिलने के बाद उनकी परीक्षा ली जानेवाली थी.परीक्षा में पास होनेवाले छात्रायों का हवाई सफर के लिये चयन किया जाना था. परंतु गुटशिक्षणाधिकारी की और से सुची प्राप्त नही होने से योजना को ब्रेक लग गया.सुची भेजने के टालमटोल करनेवाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नोटीस जारी करने की जानकारी है.

42 छात्र होनेवाले थे लाभान्वित

परीक्षा के उपरांत 42 छात्र लाभान्वित होनेवाले थे.उन्हें अपने जिवन में पहली बार हवाई सफर करने का मौका मिलनेवाला था. उनके साथ पाच शिक्षक आणि दो सेवकों जाने का अवसर मिलनेवाला है. उनके खर्च के लिये राशी प्राप्त हुई है. 

वर्धा, आष्टी से मिली सुची

सुची भेजने की अंतिम तिथी अगस्त माह तक थी.इस दौरान वर्धा, आष्टी छोड अन्य जगह से सुची नही भेजी गई. तीन माह का समयावधि होने के बावजूद सुची नही भेजनेवाले हिगनघाट, समुद्रपुर, आर्वी, कारंजा, देवली, सेलु के गुटशिक्षणाधिकारी के गुटशिक्षाधिकारी को नोटीस जारी किया गया है. 

समयावधि बढाया गया

छात्रों की जानकारी भेजने की समयसिमा अगस्त तक थी. कोरोना संक्रमन के कारण स्कूलें बंद होने से छात्रों के नाम भेजने के लिये समयावधि बढाया गया है. छात्रों के नाम न भेजने के लिय गुटशिक्षणाधिकारी को नोटीस दी गई है. – संजय मेहर, शिक्षणाधिकारी प्राथमिक  जि.प. वर्धा 

आदिवासी समाज आज भी पिछडा है. छात्रों के लिये हवाई सफर उनके जीवन में आशा की नई किरण थी. सफलता अर्जित करने पर यह सुविधा मिलती है.यह बात उनके शिक्षा जिवन को नयापन दे सकती थी. शिक्षा विभाग ने समयपर काम करना आवश्यक था. – सरस्वती राजू मडावी, सभापति, जिप वर्धा