ACB: लाकडाउन में भी भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग की रही पैनी नजर

    • 1 वर्ष में शिकायतों की संख्या में गिरावट  

    वर्धा: सरकारी विभागों को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की जिम्मेदारी एंटी करप्शन ब्यूरो तत्परता से निभा रहा है़  लाकडाउन के समय में भी विभाग की पैनी नजर बनी रही, लेकिन पिछले साल से भ्रष्टाचार के मामले लगातार घटने की बात एसीबी द्वारा ट्रैप कार्रवाई के आंकड़ों से पता चलती है़.

    इस वर्ष तो केवल 1 ही शिकायत एसीबी के पास प्राप्त हुई है़  वहीं सवाल उठ रहा है कि सही मायने में भ्रष्टाचार कम हुआ, या फिर लोग शिकायत करने आगे नहीं आ रहे है़  आम जनता को अपनी फाइल एक टेबल से दूसरे टेबल तक ले जाने के लिए कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग किया जाना यह सरकारी कार्यालयों का कड़वा सच है़  

    12 महीनों में एक मात्र एक ही शिकायत मिली 

    यह बात विभिन्न विभागों में एसीबी द्वारा ट्रैप कार्रवाईंयों के माध्यम से लगातार स्पष्ट हुई है, लेकिन पिछले साल से अचानक शिकायतों में कमी आयी है, जिससे क्या सहीं मायने में सभी सरकारी विभाग भ्रष्टाचार मुक्त हो गए, या फिर लाकडाउन में नागरिकों की अनुपस्थिति में अंदरूनी रूप से हो रहा भ्रष्टाचार उजागर सामने नहीं आने के विभिन्न सवाल उठ रहे है़  

    पिछले 3 वर्षों में एसीबी की कार्रवाई 

    जिले में विभिन्न सरकारी विभागों में रिश्वत की मांग होना तथा अन्य भ्रष्टाचार कि जाने पर नागरिक एसीबी से संपर्क करते है़  इसके तहत वर्ष 2018 में स्वास्थ्य विभाग 1, राजस्व विभाग 3, ग्राम विकास विभाग 1, नगर रचना विभाग 1, गृह विभाग 3, पंचायत विभाग 1, मुद्रांक व पंजीयन विभाग 1 इस प्रकार कुल 12 मामले सामने आये थे़  वर्ष 2019 में राजस्व विभाग 2, गृह विभाग 1, शिक्षा विभाग 3, वन विभाग 1, जलापूर्ति विभाग 1 इस प्रकार घटकर 8 मामले हुए़  2020 में ग्रामविकास विभाग 2, गृह विभाग 2, वन विभाग 1, नगर विकास विभाग 1, कामगार विभाग 1 इस प्रकार 7 भ्रष्टाचार के मामले सामने आयी़  इस वर्ष 2021 में अब तक विद्युत विभाग से जुड़ी 1 ही शिकायत प्राप्त हुई है़ 

    लाकडाउन का पड़ रहा है असर

    पिछले वर्ष से कोरोना ने दस्तक दी है, तत्पश्चात लाकडाउन लगाया गया़  सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी ही कर्मचारियों की उपस्थिति थी़  कुछ देर के लिए आम नागरिकों को सरकारी कार्यालय में अनुमति भी नहीं थी, जिससे लोगों के कई कार्य पेंडिग रह गए़  योजनाओं से जुड़े कामकाज की प्रक्रिया आनलाइन करने से सरकारी कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क नहीं हुआ़  लोगों की शिकायतें प्राप्त नहीं होने से भले ही एसीबी ट्रैप की कार्रवाई नहीं हुई हो, लेकिन विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप नागरिकों द्वारा लगाए जाते रहे है़ं  

    विभाग के पास नागरिक करें शिकायत

    किसी भी विभाग में अगर नागरिकों को वहां के कर्मचारी रिश्वत मांगते हो अथवा उनसे धोखाधड़ी होने पर एन्टी करप्शन ब्यूरो कार्यालय में शिकायत करें. मामले की जांच कर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई कर न्याय दिया जाएगा़  भ्रष्टाचार रोकने के लिए एसीबी विभाग तत्परता से कार्यरत है़ -गजानन आर. विखे, पुलिस उपअधीक्षक-एन्टी करप्शन ब्यूरो.