AITUC Strike

  • जिलाधीकारी को सौंपा मांगों का ज्ञापन

वर्धा. देश को आत्मनिर्भर करनेवाले रेलवे, बिमा बैंक, कोल पेट्रोलीयम, स्वास्थ्य, शिक्षा व महिलाओं को आत्मनिर्भर करनेवाली उमेद इस सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण करने के पिछे केंद्र सरकार का जो उद्देश्य है, उसे रद्द किया जाए. साथ ही संविधान में रद्द की गई धारा 44 मजदूर कानून व किसान विरोधी बील रद्द करने, आंगनवाड़ी, आशा, गुटप्रवर्तक, शालेय पोषण आहार, स्वास्थ्य उपकेंद्र की अंशकालीन स्त्री परिचर आदि को दिये गए आश्वासन की पूर्तता करने सहित अन्य मांगों को लेकर आयटक राज्य उपाध्यक्ष दिलीप उटाणे के नेतृत्व में आंगनवाड़ी कर्मचारी, आशा वर्कर, गुटप्रवर्तक, शापोआ, उमेद कैडर, स्वास्थ्य कर्मचारी, सुरक्षा रक्षक, नर्सेस, अंशकालीन स्त्री परिचर व औद्योगिक कामगार संगठन ने डा़ बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा परिसर, जिप से गांधी प्रतिमा तक मानव श्रृंखला कर निषेध जताया गया़ मांग का ज्ञापन जिलाधिकारी व मुख्य कार्यकारी अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा गया.

आंदोलन में दिलीप उटाणे, जिलाध्यक्ष मनोहर पचारे, संगठक असलम पठान, जिलासचिव वंदना कोलणकर, ज्ञानेश्वरी डंबारे, सुजाता भगत, विजया पावडे, गुणवंत डकरे, मैना उईके, मंगला इंगोले, सुनंदा आखाडे, सुनीता टिपले, विनायक नन्नोरे, ज्योषणा राउत, शबाना शेख, प्रतिभा वाघमारे, विना पाटिल, प्रमिला वानखेडे, अरुणा खैरकार, वैशाली नंदरे, रेखा तेलतुंबडे, सिंधू खडसे, ज्योती वाघमारे, विमल कौरती, माला भगत, रेखा काचोले, अरुणा नागोसे, हिरा बावणे, प्रज्ञा ढाले, ज्योती कुलकर्णी, शबाना खान, वंदना खोब्रागड़े, शोभा सायंकार, अल्का भानसे, वंदना बाचले, सिध्दार्थ तेलतुंबडे, दीपक कांबले, वंदना उईके, सुजाता कांबले, रतन बेडे, संजय डफरे, बाबाराव कनेर, रेखा नवले, लता कौरती, आशा आरामे, नलू टिपले, साधना झपाटे, शशीकला क्षीरसागर, किरण मंदिले, रत्ना भेंडे, जयश्री लोहवे, कुंदा पाटिल, ज्योती दहाट, सुनंदा भगत, सुकेशीनी जुनघरे, वनिता खेकारे, सिमा केवटे, वर्षा बारई, कांता जिचकार, संगीता कांबले, शकुंतला नगराले, सुनिता तेलरांधे, संगीता रेवडे, भारती मून, अरविंद डबूरकर, शंकर मोहदूरे, रामदास जांभूलकर, रमेश बोंदरकर के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मियों ने हिस्सा लिया था.