Anganwadi Workers Protest

    वर्धा. केंद्र सरकार से पोषण टैंकर एप्स का काम मराठी में करने मांग को लेकर आंगनवाड़ी कर्मचारी कृति समिति के आह्वान पर आयटक संलग्न आंगनवाड़ी, बालवाड़ी कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार मूक आंदोलन किया़ अन्यथा एप्स पर जानकारी भेजना बंद करने की चेतावनी दी है. जिला परिषद वर्धा बालविकास प्रकल्प अधिकारी कार्यालय व देवली पंचायत समिति समक्ष कोरोना नियमों का पालन करते हुए अनोखे तरीके से आंदोलन किया गया.

    केंद्र सरकार की जटील शर्तों के कारण आंगनवाड़ी कर्मचारी मानधन व कुपोषित बालके आहार से वंचित रहने की आशंका है़ महाराष्ट्र में आंगनवाड़ी कर्मियों को मराठी की बजाए अंग्रेजी में काम करने की सख्ती की जा रही है़ इस पर कर्मियों ने असंतोष जताया. उक्त एप के उपयोग में तकनीकी दिक्कत सहित अन्य समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान खींचने यह आंदोलन हुआ.

    देवली में भी खींचा प्रशासन का ध्यान

    देवली में सुरेखा रोहनकर, पुष्पा नंराजे, सारिका देशमुख, ललिता मून, कांता कांबले, माला पठारे ने मूक आंदोलन किया़  वहीं जिला परिषद समक्ष ज्योति फुलझेले, रेखा जीवने, अनिता भानसे, मीनाक्षी म्हैसकर, आशा आटनेरकर, सुमन उईके, सुवर्णा कोपरकर, बालविकास प्रकल्प-1 के समक्ष वंदना कोलणकर, शबाना खान, माया तितरे, अरुणा नागोसे, अल्का भानसे, गोदावरी राऊत, द्रोपदी वानखेडे, प्रकल्प-2 के समक्ष  विजया पावडे, मैना उईके, वंदना बाचले, चंदा अतकरे, शोभा बोंदरे, सुरेश गोसावी ने हाथ में सूचना तख्ती लेकर मूक आंदोलन किया़  मांगों का ज्ञापन बालविकास प्रकल्प अधिकारी को सौंपा गया.