Soybean Crop Damage by Virus

    देवली. तहसील में जामनी सहित अन्य परिसर में बीजोत्पादन के लिए गर्मी की सोयाबीन फसल किसानों ने ली़ परंतु ऐन फल्लियां आने के दिनों में फसल पर अज्ञात वायरस का अटैक देखने मिल रहा है़ इससे किसानों की चिंता अधिक बढ़ गई है़ वहीं कृषि विभाग भी इस समस्या की ओर अनदेखी करता नजर आ रहा है़ क्षेत्र में गत सात दिनों में सोयाबीन के पौधे सूखते नजर आ रहे है़ं इससे किसान फिर एक बार आर्थिक संकट से घिर गया है.

    तहसील के जामनी निवासी किसान वाल्मिक येणकर ने मक्के की खेती की है़ एक एकड़ में उन्होंने खेत में बीजोत्पादन के लिए गर्मी की सोयाबीन फसल की बुआई की़ इसके लिए उन्होंने खेती का किराया सहित खाद, औषधि का छिड़कांव अन्य सामगी सहित 25 हजार रुपये का खर्च आया़ उन्होंने समय समय पर पानी का उचित नियोजन किया़ इससे सोयाबीन की फसल लहलहाई़ पौधों को फूल व फल्लियां भी अच्छी देखने मिल रही थी़ फलस्वरुप अच्छी उपज होने की उम्मीद किसान को थी़ परंतु कुछ दिनों से अज्ञात वायरस के अटैक से उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

    लागत खर्च निकलना भी हुआ मुश्किल 

    अब तो उन्हें लागत खर्च भी निकलेगा या नहीं, यह सवाल सता रहा है़  दिन ब दिन बड़ी मात्रा में सोयाबीन के उत्पादन में कमी आ रही है़  खरीफ मौसम में सोयाबीन का पूर्णत: नुकसान हुआ था़  ऐसे में गर्मी की सोयाबीन फसल पर कुछ हद तक किसानों की उम्मीदें टीकी थी़  उक्त फसल आगामी मौसम के लिए बीजोत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है़  परंतु अज्ञात वायरस के प्रकोप से फसल हाथ से निकल रही है़  इस संबंध में कृषि विभाग से शिकायत करने पर अनदेखी किए जाने का आरोप किसान लगा रहे है.