Black Fungus Updates: Dangerous cases of black fungus in Mumbai, 3 children had to have their eyes removed
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    वर्धा. जिले में कोरोना संक्रमण का कहर कम हो गया है. वहीं दूसरी ओर ब्लैक फंगस अपने पैर पसारता जा रहा है. इसके तहत जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 113 मरीज पाए गए है, जिसमें से 3 मरीजों की मौत हो गई है. वहीं 39 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं दूसरी ओर 71 मरीजों पर उपचार जारी है.

    कोविड-19 से मरीज उबर चुके हैं या ठिक हो रहे मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखायी दे रहे हैं. इसके अलावा जिसे भी मधुमेह है और जिसकी प्रतिरक्षा प्रणाली ठिक से काम नहीं कर रही है, उसे इसे लेकर सावधान रहने की जरूरत है. जिले में भी कोरोना का कहर कम हुआ है. परंतु ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ रहे है. 

    संक्रमण की चपेट में आ रहे नागरिक 

    जिले में कुल 113 ब्लैक फंगस के मरीज है, जिसमें से 71 मरीजों पर उपचार जारी है. 39 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. उपचार ले रहे मरीजों में 18 आयु वर्ग का 1 मरीज, 18 से 45 तक के 32 मरीज, 45 से 60 तक के 52 तथा 60 से अधिक उम्र वाले 28 मरीज है, जिनमें 89 पुरुष व 24 महिला मरीजों का समावेश है. म्यूकर माइकोसिस या ब्लैक फंगस, फंगल संक्रमण से पैदा होने वाली जटिलता है. लोग वातावरण में मौजूद फंगस के वायरस के संपर्क में आने से म्यूकर माइकोसिस की चपेट में आ रहे हैं. 

    4 नॉन कोविड मरीजों का भी समावेश

    विशेष तौर पर ब्लैक फंगस यह कोविड-19 की पार्श्वभूमि होने वाले मरीजों में पाया जाता है. परंतु जिले में चार नॉन कोविड मरीज भी इसकी चपेट में आये है. कुल 113 में से 109 मरीज कोविड के चलते ब्लैक फंगस की चपेट में आये है, परंतु अन्य चार मरीज की कोविड पार्श्वभूमि नहीं है, जिससे चिंता बढ़ गई है.