विकास पर चली कैची, केवल 30 प्रतिशत निधि

– गजानन गावंडे

वर्धा. कोरोना के कारण जिले के विकास निधि पर भी कैची चली है. जिससे पुन: एक बार विकास संकट में आ गया है. इस वर्ष के बजेट में सरकार ने भारी कटौती करने की जानकारी सामने आयी है. जिससे जिला नियोजन समिति को केवल 33 प्रतिशत निधि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जानेवाला है.

बिते कुछ वर्षो में जिले में विकास ने रफ्तार पकडी थी. सेवाग्राम विकास प्रारूप के साथ ही केंद्र व राज्य सरकार ने सडक के साथ ही अन्य मुलभूत सुविधायों के लिए तिजोरी खोली थी. जिससे केंद्र व राज्य सरकार के निधि से सडको के साथ ही अन्य विकास योजनायों को निधि मिली था. भाजपा सरकार के कार्यकाल में पालकमंत्री के रूप में सुधीर मुनगंटीवार की नियुक्ति की गई थी. राज्य के अर्थमंत्री होने के कारण उन्होंने विविध विकास योजानायों के लिये बडे पैमाने पर निधि उपलब्ध कराया था. जिससे अनेक सरकारी कार्यालयों की इमारतो का निर्माण कार्य पुरा हुआ तथा अनेक काम प्रगतिपथ पर थे. परंतु राज्य में सत्तापरिवर्तन के साथ ही कोरोना का संक्रमण आने के कारण राज्य की आर्थिक कमर ही टूट चुकी है.

लॉकडाऊन व उसके उपरांत आर्थिक स्त्रोत वाले व्यवसायों पर संकट आने के कारण राज्य राजस्व में भारी कमी आयी. बावजूद सरकार को स्वास्थ्य सुविधा पर बडे पैमाने पर निधि खर्च करना पडा. जिससे राज्य की तिजोरी पुरी तरह से खाली हो गई. जिसका असर सरकारी कर्मचारियों के वेतन के साथ ही योजनायों पर भी पडा. नतिजन सरकार ने खर्च में कटौती करने का निर्णय लिया. प्रतिवर्ष राज्य सरकार जिले के विकास के लिये जिला नियोजन समिति को करोडों रूपयों का निधि उपलब्ध कराया जाता है. एससी, एसटी के योजनायों के साथ अन्य विकास योजनायों के लिये निधि उपलब्ध कराया जाता है.

आर्थिक वर्ष 2020-2021 के लिये जिला नियोजन समिति की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था. सरकार ने 218.91 करोड के निधि को मंजूर प्रदान की. जिसमें सर्वसाधारण योजना के लिये 163.60 लाख, एससी प्रवर्ग की योजना हेतू 41.62 लाख तथा एसटी प्रवर्ग 13.69 लाख प्रावधान किया गया. परंतु आर्थिक स्थिति बिगडने के कारण राज्य सरकार ने मंजूर निधि में से केवल 33 प्रतिशत निधि जिला नियोजन समिति को देनेवाली है. परिणामस्वरूप जिले को मंजूर 218.91 करोड में से केवल 72.24 करोड रूपये ही विकास के लिये मिलनेवाले है. जिसके कारण अनेक योजना पर ग्रहण लगनेवाला है. सर्वसाधारण योजना के लिये मंजूर 163.60 करोड में से केवल 53.99 करोड का निधि प्राप्त हुआ है.

एससी की योजना के लिये प्रावधान नही : सरकार ने नये आर्थिक वर्ष में एससी की योजना के लिये 41.62 करोड का निधि मंजूर किया है. किंतु आधा वर्ष बितने के बाद भी सरकार एक रूपयें का भी निधि नियोजन समिति को उपलब्ध नही कराया है. जिससे एससी प्रवर्ग की योजनाएं अधर में लटकी है.

आदिवासी के लिये केवल 10 प्रतिशत निधि मिला 

आदिवासी योजनायों के लिये 13.69 करोड का प्रावधान किया गया है. किंतु 6 माह में अबतक केवल 10 प्रतिशत निधि जिला नियोजन समिति को मिला है. जिससे 1.36 करोड में से कितनी राशि किस योजना पर खर्च करे ऐसा प्रश्न निर्माण हुआ है.

परिस्थिति में सुधार होने पर बढ सकता है प्रतिशत : कोरोना के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पुरी तरह से बिगड गई है.आनेवाले दिनों परिस्थिति में सुधार होने के उपरांत राज्य की आर्थिक हालत पटरी पर आ सकती है. तत्पश्चात राज्य सरकार निधी का प्रतिशत बडा सकती है.

अरविंद टेंभुर्ण, जिला नियोजन अधिकारी