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    वर्धा. कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लाकडाउन लागू करने के संकेत देने के बाद मार्केट में संभ्रम की स्थिति निर्माण हो गई है. लाकडाउन लागू किए जाने के बाद आम आदमी, किसान व व्यापारियों पर बुरा असर पड़ने वाला है. इसके चलते सरकार के निर्णय की तैयारी पर अनेकों ने आपत्ति जताई है. पूर्णत: लाकडाउन लागू करने की बजाय सरकार की ओर से नियमों को सख्त कर उसके पालन की अनिवार्यता पर जोर देना चाहिए. गत वर्ष लागू किए लाकडाउन के कारण अनेकों को अपने रोजगार से हाथ धोना पड़ा था. मजदूरों की रोजी रोटी की समस्या निर्माण होकर किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान सहन पड़ा था. लाकडाउन का व्यापार पर भी असर होने से अर्थव्यवस्था के पहिए थम गए थे, जिससे सरकारी तिजोरी पर भी परिणाम हुआ.

    व्यापारी व जनता परेशान

    पहले ही व्यापारी व आम आदमी परेशान है. सभी की आर्थिक स्थिति बिगड़ी हुई है. ऐसे में कभी भी लाकडाउन लागू करना उचित नहीं है. लाकडाउन का सभी पर बुरा असर पड़ता है. कोरोना को रोकने के लिये सरकार ने सख्ती से नियमों का पालन करवाना चाहिए.

    -गणेश देवानी, व्यापारी.

    व्यापारियों की भी सुनें सरकार 

    सरकार अपने निर्णय व्यापारियों पर थोपती है. आज व्यापारी अनेक समस्याओं से घिरा हुआ है. बाजार में रोज उतार चढ़ाव लगा रहता है. इससका असर व्यापारियों पर पड़ता है. आम आदमी से लेकर व्यापारियों के पास आज पैसा नहीं है. गत वर्ष के लाकडाउन ने आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है. सरकार ने लाकडाउन लागू करने की बजाय सख्ती से निर्देशों के पालन पर जोर देना चाहिए. सभी का रोजगार व व्यापार शुरू रहे, इस पर भी विचार करना चाहिए.

    -इद्रिस मेमन, सचिव-वर्धा व्यापारी संघ.

    लाकडाउन का करेंगे विरोध 

    सरकार व प्रशासन ने अब जबरन लाकउाउन थोपा, तो व्यापारी उसका विरोध करेंगे. लाकडाउन लागू किया जाता है तो व्यापारी स्वयं अपनी दूकाने खालेंगे. प्रशासन को जो कार्रवाई करना है, वह कर सकती है.

    -शालिग्राम टिबडेवाल, कपड़ा व्यापारी. 

    छोटे व्यापारी व मजदूरों पर बुरा असर

    आज सभी की आर्थिक हालत खराब है. लाकडाउन लागू करने से छोटे व्यापारी व मजदूरों का बुरा हाल होगा. प्रशासन ने सख्ती से नियमों का पालन करने पर जोर देना चाहिए. मार्केट में भीड़ कम हो इसके लिये बाजार में टु विलर व फोर विलर पर पाबंदी लगानी चाहिए.

    -जगदीश टावरी, व्यापारी तथा पूर्व पार्षद

    व्यापार पहले ही है चौपट

    पहले ही व्यापार चौपट हो गया है. ऐसे में पुन: लाकडाउन लगता है तो हमारी आर्थिक रूप से कमर टूट जायेगी. सरकार ने पूर्ण रूप से लाकडाउन लागू करने की बजाय निर्धारित अवधि देकर व्यापार शुरू रखना चाहिए, जिससे सभी को सुविधा मिलेगी व आर्थिक व्यवहार भी चलेगा.

    -मुकेश आहूजा, व्यापारी  

    लाकडाउन लागू करना आवश्यक

    नागरिक सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे है. दो दिन के कर्फ्यू के दौरान भी नागरिक सड़क पर दिखाई दिए. कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे अब सरकार ने सख्ती से लाकडाउन लागू करना चाहिए.

    -कन्हैया शर्मा, व्यापारी.

    क्या लाकडाउन से रूकेगा कोरोना 

    लाकडाउन लागू करने से कोरोना को रोका जा सकता है क्या, यह सवाल है. गत वर्ष लाकडाउन के कारण लोगों की जेब पर ही असर पड़ा था. पुन: लाकडाउन लागू होने से उनकी पूरी आर्थिक स्थिति चरमरा जायेगी. लोगों पर मास्क, सैनिटाइजेशन, सामाजिक दूरी के लिए अनिवार्यता की जाए. कामकाज, बिजनेस, दूकानें बंद रखने से उसका सभी तबकों पर बुरा असर पड़ेगा. सरकारी कर्मचारियों की सैलरी होने से उन पर लाकडाउन का असर नहीं पड़ेगा. कड़ाई से हर व्यक्ति को वैक्सीन अनिवार्य करके लगवाई जाए. इस भय के   माहौल को खत्म किया जाए.

    -नौशाद बख्श, संचालक-नौशाद फर्नीचर.

    लाकडाउन निकालेगा व्यापारी की अर्थी 

    व्यापरियों की बीते एक वर्ष में पूरी तरह से आर्थिक कमर टूट चुकी है. अब लाकडाउन लगा है तो व्यापारियों की अर्थी निकालने का काम करेगा. प्रशासन के कर्फ्यू का पालन लोग अब नहीं करते, जिससे लाकडाउन लागू करने से क्या होगा.

    -दीपेश सतीजा, व्यापारी .

    पहले ही बुरी तरह से डूबे है

    बिते एक वर्ष में व्यापार पर बुरा असर हुआ है. अब लाकडाउन लागू होता है तो हम पूर्ण रूप से टूट  जायेंगे. शादियों का मौसम में केवल दो से ढाई माह का बचा था. उसमें भी लाकडाउन लागू होता है तो खाने के वांदे हो जायेंगे. सरकार ने सभी का विचार करना चाहिए.

    -भरत अग्रवाल, व्यापारी.

    लाकडाउन विकल्प नहीं

    कोरोना भीड़ के कारण बढ़ता है, जिससे भीड़ पर अंकुश लगाना आवश्यक है. लाकडाउन यह अंतिम पर्याय नहीं है. भीड़ टालने के लिये अनेक पर्याय हो सकते है. प्रशासन ने जीवनावश्यक वस्तुओं की दूकान सुबह 6 से दोपहर 12 तक शुरू रखनी चाहिए. इसके बाद 12 बजे से अन्य दूकान शुरू रखनी चाहिए. यह फार्मूला अमल में लाया गया तो मार्केट में भीड़ कम होगी.

    -अनिल पुरोहित, व्यापारी.