कोरोना : दाह संस्कार का वसूला जा रहा खर्चा, सरकारी निर्देशो का उल्लंघन

  • नप प्रशासन की अनदेखी, एजन्सी की मनमानी

वर्धा. कोरोना से मृत व्यक्ती के अंतीम संस्कार का खर्च प्रशासन द्वारा उठाया जाता है, परंतु स्थानीय मोक्षधाम में इसके विपरीत स्थिति देखने मिल रही है़ संबंधीत एजन्सी मृतको के परिजनों को रसिद देकर पैसे वसूल रही है़ इस संबंध में सरकारी आदेश होते हुए भी एजन्सी की मनमानी पर नप प्रशासन की अनदेखी हो रही है़ इस गंभीर मामले की ओर ध्यान देने की मांग हो रही़ 

बता दे कि, जिले में कोरोना से मृतको का आंकडा दिन ब दिन बढ रहा है़ प्रतिदिन मोक्षधाम में कोरोना के शव अंतीम संस्कार के लिए लाये जा रहे़  14 सितम्बर के शासन आदेश अनुसार कोरोना पर होनेवाले कुछ खर्च की जिम्मेदारी सरकार ने उठायी है़ परिणामवश स्थानीय स्वराज संस्था को मिलनेवाले वित्त आयोग की निधी के ब्याज से कुछ खर्च करने के निर्देश है़  इसमें प्रतिबंधात्मक उपाययोजना, कन्टेनमेन्ट जोन, कोरोना के शव का अंतीम संस्कार सहित अन्य उपाययोजना के लिए उक्त सरकारी निधी का उपयोग करने की बात आदेश में कही गई है़ परंतु वर्धा नप अंतर्गत आनेवाले मोक्षधाम में इसके विपरीत स्थिति देखने मिल रही है़ कोरोना का शव लाने पर संबंधीत एजन्सी परिजनों से पैसे ले रही़ दी जा रही रसिद में जलाऊ लकडा कींमत 1500 रु़ , 3 गोबरी प्रतिनग 30 के हिसाब से 90 रु., वाहन भाडा 20, हमाली 300 रु़ अन्य खर्च 20 इस प्रकार कुल 1910 रुपए लिए जा रहे़ यह सरासर गलत बात है़  इस गंभीर मामले की ओर नप ने ध्यान देने की मांग हो रही है़ 

एजन्सी को देंगे निर्देश

इस संबंध में शिकायते प्राप्त हुई है़ कोरोना शव के दाह संस्कार के पैसे नहीं लेने चाहिए़ संबंधीत एजन्सी को सख्त निर्देश दिये जाएंगे़ जिनसे पैसे लिए गए उन्हें पैसे लौटाए जाएंगे़ इसकी जांच होगी़  – विपीन पालिवाल (मुख्याधिकारी, नप वर्धा)

एजेंसी पर हो कार्रवाई

कोरोना से मृत्यु होनेपर दाह संस्कार का खर्च प्रशासन करना है.सरकार के निर्देश भी थी.किन्तु सरकारी निर्देश को ताक पर रखनेवाली एजेंसी पर कार्रवाई होना आवश्यक है.           

– डॉ सुनील चावरे, समाजसेवक