Deer
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    हिंगनघाट (सं). तहसील के पोहना गांव परिसर में मृतावस्था में हिरन मिला. इसका पंजीयन कर वन विभाग ने पंचनामा भी किया, परंतु बिना पोस्टमार्टम के शव दफनाने के कारण वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है़  बता दें कि वन्यजीवों में हिरन यह जीव शेड्यूल वन में आता है. उसकी मृत्यु का कारण जानना जरूरी था.

    वन विभाग ने इसको गंभीरता से न लेकर मृत्यु के कारण का पता करना जरूरी था. उस परिसर में कुछ विषाक्त पेड़ पौधे खाने से या किसी ने उसका शिकार करने से मौत हुई, यह बात शवविच्छेदन में स्पष्ट होती थी़  किन्तु वन विभाग ने उसे वैसे ही दफनाया दिया, जिससे उसकी मृत्यु का कारण ज्ञात नहीं हो सका. पोहना परिसर के प्रफुल तेलंग के खेत में मृत हिरन देखे जाने की खबर क्षेत्र के वनरक्षक मनेशकुमार सज्जन और क्षेत्र सहायक सचिन कापकर को दी गई. 

    विस्तृत जांच करने की उठने लगी मांग 

    उन्होंने घटना स्थल पर आकर पंचनामा किया. और किसान की सहायता से हिरन को दफना दीया. इस गैरजिम्मेदार तरीके से काम करने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाया जा रहा है. वनरक्षक को सवाल करने पर, क्षेत्र सहायक के आदेश पर उक्त कार्रवाई की गई, यह कहकर वनरक्षक ने हाथ ऊपर कर दिए. इस प्रकरण की विस्तृत जांच की मांग हो रही है.