चने की फसल पर मर रोग का कहर

  • किसानों पर पुन: संकट, खेती बनी घाटे का सौदा

वर्धा. इस वर्ष किसानों की मुसिबते कम होने का नाम नही ले रही है. कपास, सोयाबीन हाथ से चले जाने के बाद अब रबी की फसल चने पर भी मर रोग का कहर ढाया है. पौधे जमीन से अंकुरीत होने के उपरांत सुख रहे है.जिससे किसानों को फिर बुआई करने की नौबत आ रही है.परिणामवश किसानों की धडकने तेज हो गई है.

कोरोना के बाद प्राकृतिक आपदाएं किसानों के पिछे लगी है.खरीप का सिजन अच्छा निकलेगा ऐसी आस किसानों ने लगाई थी.लेकीन निरंतर बारीश से फसलों  का नुकसान हुआ.जिससे किसान संवार रहा थी की, लौटते हुए मानसून व खोड इल्ली ने सोयाबीन फसल चौपट कर दी.सोयाबीन हाथ से निकल जाने के बाद कपास से उम्मीदें जुडी थी.परंतु अचानक मौसम में बदलाव के चलते कपास की फसल पर बोंड इल्ली ने आक्रमन किया.शुरू में बोंड इल्ली की भनक किसी को नही लगी.किंतु प्रकोप तेजी से बढ जाने के कारण किसानों के होश उड गये.बोंड इल्ली के कारण कपास के उत्पादन पर भारी असर हुआ.

अनुमान की तुलना में 50 से 60 प्रतिशत कपास का उत्पादन कम होने की जानकारी कृषी विशेषज्ञों ने दी.खरीप की सोयाबीन व कपास की फसल हाथ से जाने के कारण किसानों की उम्मीदे रबी की फसल चने पर थी.क्योंकी कम सिंचाई व असिचिंत खेती में भी चने का उत्पादन होने के कारण किसान अपना घाटा कम करने के प्रयास में थे.जिससे जिले में चने का क्षेत्र बढा.परंतु बुआई करने के बाद जमीन ने निकलनेवाले पौधे कुछ ही  दिनों सुखकर मुरझाने लगे. किसानों ने बताया की, बडी उम्मीद के साथ चने की बुआई की थी.किंतु मर रोग के कारण दुबारा बुआई करने की नौबत आन पडी है.

कृषि विभाग देंगा ध्यान – इंगले

मर रोग के लिए पहले से ही उपाययोजना जरुरी है़ कार्बेनडैजिन की बीज प्रक्रिया करनी पडती है़ इसे करने पर मर रोग नहीं आता़ शुरुवाती दिनों में ही इसका छिडकांव करना चाहिए़ एडव्हान्स स्टेज पर जाने के बाद यह बिमारी कन्ट्रोल नहीं होती़ अब तक किसी प्रकार की शिकायतें प्राप्त नहीं हुई है़ कृषि विभाग इस ओर ध्यान देंगा. – अनील इंगले, जिलाकृषि अधीक्षक

मर रोग से नुकसान हुआ

सोयाबीन व कपास में घाटा होने के कारण बडी उम्मीद से चने की फसल लगाई थी.किंतु जमीन से बीज अंकुरीत होकर लहलहाने लगा थ की, अचानक उस पर मर रोग का प्रादुर्भाव हुआ. जिससे दुबारा बुआई करने की संकट आया है. इस वर्ष एक के बाद एक आपदा आ रही है. – आशीष मेघे, किसान धानोली