dengue

    • अब तक 82 मरीज डिटेक्ट
    • नागरिकों में दहशत

    वर्धा. जिले में गत कुछ दिनों से डेंगू का उद्रेक देखने मिल रहा है़ 19 जुलाई तक जिले में 59 मरीज दर्ज थे़ मात्र 4 दिनों में 23 नए मरीज डिटेक्ट होने से कुल संख्या 82 पर पहुंच गई है़ जबकि 500 से अधिक डेंगू सदृश्य बीमारी के संदिग्ध मरीज होने की जानकारी है़ हर घर में बुखार, सर्दी, खासी, जुलाब के मरीज मिल रहे़ नागरिकों में डेंगू को लेकर दहशत व्याप्त है़ अस्पताल भी हाउसफुल दिखाई दे रहे हैं. पहले ही जनता कोरोना संकट व इससे पैदा होनेवाले नए-नए विषाणु व बीमारियों से लड़ रही है़ दूसरी लहर ने तो जिले में कहर बरपाया था़ जैसे तैसे कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आने से नागरिक रहात महसूस कर रहे थे़ परंतु पिछले एक पखवाड़े से जिले में डेंगू सदृश्य बीमारी ने स्वास्थ्य प्रशासन के नाक में दम कर रखा है. 

    आये दिन मिल रहे मरीज

    आये दिन इस बीमारी के मरीज मिल रहे है़ं शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य प्रशासन भी सकते में आ गया है़ इस बीमारी को नियंत्रण में लाने के लिए युध्दस्तर पर प्रतिबंधात्मक उपाययोजना की जा रही है, परंतु इसका खासा लाभ नहीं हो रहा़ जिले में हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है़ सेवाग्राम, सावंगी, जिला, उपजिला व ग्रामीण अस्पतालों में डेंगू सदृश्य बीमारी के मरीज इलाज ले रहे हैं. 

    निजी अस्पताल फुल, बच्चों में डेंगू

    शहरी क्षेत्र में भी निजी अस्पताल हाउसफुल दिखाई दे रहे़ विशेष कर छोटे बच्चों में डेंगू का असर अधिक बताया जा रहा़  इसके लिए शहर में फैली अस्वच्छता भी एक मुख्य कारण है़ इससे नागरिक काफी दहशत में है़ बड़ी मात्रा में लैब में संदिग्धों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे़ जिला मलेरिया विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 19 जुलाई तक जिले में 297 संदिग्ध व 59 मरीज होने की जानकारी थी़  परंतु पिछले चार दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है़ वर्तमान में जिले में डेंगू के कुल मरीज 82 बताये गए हैं, जबकि 500 से अधिक संदिग्ध होने की जानकारी मिली. 

    विफल साबित हो रही उपाययोजना

    जिले में पिछले एक पखवाड़े से डोर टू डोर सर्वे कर स्वास्थ्य प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक उपाययोजना चलायी है़ परंतु इसका खासा असर देखने नहीं मिल रहा़ एक पखवाड़े से मरीजों की संख्या कम होने की बजाए बढ़ रही है़ प्रशासन ने डेंगू से निपटने युध्दस्तर पर मुहिम चलायी जरूरी है.

    नप व ग्रापं की अनदेखी

    डेंगू के संकट को देखते हुए स्वास्थ्य प्रशासन ने नप व ग्रापं प्रशासन को उचित सूचना की थी़  इसमें सफाई तथा उपाययोजना पर जोर देने को कहा गया था़ परंतु आज भी नप व ग्रापं की इस ओर अनदेखी हो रही है़ कई जगहों पर गंदगी और दुर्गंध से नागरिक परेशान हैं. इससे नागरिकों में असंतोष व्याप्त है.