Seeds, wardha

  • बावापुर की बीज बैंक खींच रहा ध्यान, किसान बरडे की पहल

वर्धा. सदियों से चले आ रहे पारंपारिक बीज आज आधुनिकता की भेंट चढ़ रहे है़ं पुश्तैनी बीज आज पूर्णत: खत्म होकर फर्टीलाइज बीज मार्केट में आ रहा है, जिससे अनेक बीमारिया भी उत्पन्न हो रही है़ वहीं कुछ किसान आज भी पारंपारिक बीज संजोकर रख रहे है़ं इन्हीं बीजों की खेती कर अपनी परंपरा कायम रखे हुए है़ विगत 20 वर्षों से समुद्रपुर तहसील के बावापुर में देसी (सेंद्रीय) बीजों की बैंक सभी का ध्यान खींच रही है. किसान दीपक बरडे आज भी इन पारंपारिक बीजों को संभाले हुए है़ उनके बीज बैंक को देखने देश-विदेश के वैज्ञानिक भी पहुंचने की जानकारी है़ बता दें कि जिले के समुद्रपुर तहसील स्थित बावापुर इस छोटे से गांव में किसान दीपक बरडे की पुश्तैनी खेती है.

20 वर्ष पुराने सेंद्रीय बीज उपलब्ध 

उन्होंने अपने खेती में 1984 तक गांवठी बीजों का उपयोग किया था़  इसके बाद 1986 से 92 तक जमीन में रासायनिक, संकरित बीज बोये गए़  परंतु उन्हें यह बात रास नहीं आयी़  इसलिए उन्होंने स्वावलंबी होने का निश्चय कर लिया़  पुराने पारंपारिक बीज बरडे ने संभालकर रखे थे़  इसका उपयोग कर उन्होंने आधे खेत में इन बीजों को बोया़  ऐसा कर उन्होंने सेंद्रीय बीजों की एक बैंक ही तैयार कर ली है़  इन बीजों की दूरदराज तक मांग हो रही है़ 

विविध देशों के अनेक वैज्ञानिकों ने दी भेंट

उल्लेखनिय है कि उनके इस बीज बैंक को एशिया खंड के पाकिस्तान तथा चीन छोड़ कर विश्व के विविध देशों के वैज्ञानिकों ने भेंट देने की बात उन्होंने कही़  इन सभी लोगों के हस्ताक्षर भी उनके पास दर्ज है़  अमेरिका का एक वैज्ञानिक उनसे बीज भी ले गया, ऐसा भी बरडे ने बताया़  सब्जी की सभी वेरायटी उनके पास उपलब्ध है़  मूंगफल्ली, सोयाबीन, कपास, ज्वार, लहसून सहित विविध प्रकार के पारंपरिक बीज उनके पास है़  देशभर के किसानों को वे कम मूल्य में इन बीजों की बिक्री करते हैं. 

50 प्रकार के विभिन्न बीज उपलब्ध

बावापुर स्थित सेंद्रीय बीज बैंक में कुल 50 प्रकार के पारंपरिक बीज उपलब्ध है़  यह बीज बैंक उन्होंने अपने खेत स्थित एक पीपल के पेड़ के निचे तैयार करके रखी है़  उक्त बैंक सर्वत्र चर्चा का विषय बनी है़  उन्होंने जहां जहां बीज भेजे हैं, वहां से अच्छी रिपोर्ट मिली है़  इन बीजों को केवल अपने खेतों में ही उपयोग में लाये़  इसे अधिक मूल्य में न बेचे़  सेंद्रीय बीजो से उत्पादित फसल स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है. 

-दीपक बरडे, किसान.