Nagar Parishad Wardha

  • 14 दस्ते तैयार, सफाई कर्मी वसूली करेंगे 14 करोड़़ बकाया

वर्धा. कोरोना संक्रमण के कारण घटी टैक्स वसूली, आर्थिक वर्ष के अंतिम दिन, बिगड़ती आर्थिक हालत के चलते नगर परिषद प्रशासन बकाया टैक्स वसूली को लेकर एक्शन मोड में आया है. वसूली के लिये नप ने 14 दस्ते तैयार कर घर- घर जाकर वसूली करने की कार्यवाही आरंभ की है. इस मुहिम में पहली बार सफाई कर्मियों को भी शामिल किया गया है.

बीते दो वर्ष से नगर परिषद की टैक्स वसूली पर गंभीर परिणाम हुआ है. गत वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण  मार्च माह में लॉकडाऊन घोषित किया गया. परिणामवश उसका असर नप की टैक्स वसूली पर हुआ. सन् 2019-20 में नप को बकाया टैक्स 6 करोड़़ 30 लाख 77 हजार 864 रुपए तथा वर्तमान टैक्स 7 करोड़ 88 लाख 44 हजार 437 रुपए ऐसा कुल 14 करोड़ 19 लाख  22 हजार  301 रुपए करना था. किंतु मार्च माह में लॉकडाऊन के कारण टैक्स वसूली केवल 20 प्रतिशत हो पाई. नये आर्थिक वर्ष में टैक्स की वसूली होने का अनुमान नप प्रशासन ने लगाया था. बकाया तथा वर्तमान ऐसा कुल 21 करोड़ के करीब प्रापर्टी व जलापूर्ति का टैक्स बकाया था.लेकीन 10 मार्च तक केवल 7 करोड़ के आसपास नप की वसूली होने की जानकारी अधिकारियों ने दी. 

विकास कामों पर असर

केवल 33 प्रश टैक्स वसूली होने के कारण नगर परिषद की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है. टैक्स वसूली से प्राप्त राशि से विविध विकास कामों के साथ नप के कर्मियों का बकाया व अन्य प्रशासनिक कामों पर खर्च की जाती है.14 करोड़ की टैक्स की राशि बकाया होने के कारण नप प्रशासन ने वसूली पर फोकस किया है.

टैक्स पर 2 प्रतिशत जुर्माना

टैक्सधारक व्दारा टैक्स का भुगतान 31 मार्च तक नहीं किया गया तो सरकार के नियम के अनुसार 2 प्रश राशि जुर्माने के रूप में लगाई जाती है. गत वर्ष कोरोना संकट के बावजूद नागरिकों जुर्माने की राशि देनी पड़ी थी.

लक्ष्य पूरा करने का प्रयास

टैक्स वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिये नगर परिषद ने 14 दस्ते बनाये है. जिसमें टैक्स विभाग 8 तथा 6 सफाई कर्मियों के है. यह दस्ते बकायादारों के यहां जाकर वसूली करेंगे. आवश्यकता होने पर सकती से भी वसूली करेंगे. सफाई कर्मी नागरिकों से टैक्स लेने के उपरांत उन्हें कच्ची रसीद देंगे. जिसके बाद उक्त राशि नप कार्यालय में जमा कर उसकी ऑनलाइन जानकारी भरी जायेंगी.

भुगतान के लिये उमड़ रही भीड़

गत कुछ दिनों से टैक्स भरने के लिये नागरिकों भीड़ उमड़ने लगी है. टैक्स भुगतान प्रणाली ऑनलाइन होने के कारण कुछ देर तक नागरिकों रूकना पड़ता है. जिससे यह भीड़ कम करने के लिये घर घर मुहिम कारगर साबित होगी.

वसूली पर किया फोकस

दो वर्ष से टैक्स वसूली कम होने के कारण उसका सीधा परिणाम नप की आर्थिक स्थिति पर हुआ है. जिससे टैक्स वसूली के लिये दस्ते तैयार किये हैं. इन दस्तों में सफाई कर्मी भी शामिल है. नप का 21 करोड़ का टैक्स बकाया है. जिसमें से केवल 7 करोड़ के करीब राशि वसूली हुई है  शेष राशि वसूली करने के लिये यह कदम उठाया गया है.

-किशोर साखरकर, प्रशासकीय अधिकारी, नप, वर्धा