ई-पास मामला : एक ही वैद्यकीय पास पर अनेक परिवारों का सफर

  • वैद्यकीय प्रमाणपत्र को लेकर गंभीर हुआ प्रशासन
  • निजी वाहनचालकों के वैद्यकीय प्रमाणपत्र की होगी जांच

वर्धा. जिले में ई-पास व एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र का बार बार उपयोग कर प्रशासन की आंखो में धुल झोंकी जा रही थी. यह गंभीर बात नवभारत ने सामने लाई थी.जिसके उपरांत प्रशासन ने इसकी जांच पडताल करने पर  निजी वाहनचालक भी एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर अनेक परिवारों के साथ सफर करने की बात सामने आयी है. जिससे अब प्रशासन ने हरकत में आते हुए कडे कदम उठाए है. परिणाम स्वरुप निजी वाहनचालकों के वैद्यकीय प्रमाणपत्र की जांच करने के बाद ही नागरिकों को सफर करने की सूचना प्रशासन ने दी है.

लॉकडाऊन के बाद विविध जगह पर फंसे नागरिकों को गांव लौटने के लिए शासन ने ई-पास प्रणाली शुरु की. शासन के संकेतस्थल पर ऑनलाइन आवेदन कर सफर के लिए ई-पास ली जा सकती है. जिसके लिए सफर करनेवाले व्यक्ति के वैद्यकीय प्रमाणपत्र आवश्यक है. अनेक लोग निजी वाहन से भी दूसरे जिले में ई-पास लेकर सफर कर रहे है. परंतु एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र पर परिवार के सभी सदस्यों द्वारा सफर करने की बात सामने आयी है. इसके अलावा एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र का बार-बार इस्तेमाल हो रहा है. ई-पास मंजूर करते समय कुछ गलत बाते भी ध्यान में आयी है, जिसके तहत कानूनी कार्रवाई भी की गई. इस तरह के प्रकरण वाहनचालकों को लेकर सामने आये है. वाहन चालक एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र के आधार पर अलग-अलग नागरिकों के साथ 7-8 बार सफर कर रहे है. सफर से लौटने के बाद वाहन चालक होम क्वारंटाईन तक नही रहते. जिससे वाहनचालक संक्रमित होने पर उसके संपर्क में आये अन्य नागरिकों में कोरोना संक्रमण फैल सकता है. जिससे अब प्रशासन ने हरकत में आते हुए कडे कदम उठाए है. ऐसे वाहनचालकों की सूची स्वास्थ्य विभाग की ओर भेजी गई है. जिससे नागरिकों को भी निजी वाहनचालकों की सेवा लेते समय अद्यावत वैद्यकीय प्रमाणपत्र, उनके सफर का इतिहास इसकी जांच करने के बाद ही सेवा लें, ऐसा आहवान प्रशासन ने किया है. साथ ही स्वास्थ्य व पुलिस विभाग ने ऐसे वाहनचालकों को होम क्वारंटाइन करने की सूचना दी गई है.

33 हजार 746 नागरिकों मिली ई- पास
अबतक जिले में 92 हजार 334 लोगों ने ई-पास के लिए आवेदन किया. उनमें से 33 हजार 746 ई-पास मंजूर की गई. आवेदन अधुरे रहने से 27 हजार 357 आवेदन खारीज किए गए. साथ ही 30 हजार 708 नागरिकों के आवेदन की अवधि समाप्त हुई. वही 533 आवेदन पर कार्रवाइ की गई. जिसके लिए निवासी उपजिलाधिकारी सुनील कोरडे की नोडल अधिकारी के तौर पर नियुक्ति की गई है. उनके समेत 8 लोग दो शिफ्ट में ई-पास का काम कर रहे है.

वैद्यकीय प्रमाणपत्र जांचे फिर ले सेवा : ई-पास लेते समय अनेक नागरिक निजी वाहन चालकों की सेवा लेते है. परंतु वाहन चालक एक ही वैद्यकीय प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर अनेक परिवार के साथ सफर करते हुए पाये गए है. जिससे नागरिक निजी वाहन चालक की सेवा लेते समय उनके वैद्यकीय प्रमाणपत्र की जांच करे तथा उसने पूर्व कितने नागरिकों के साथ सफर किया, इसकी जानकारी लें. इस संबंध में जानकारी लेकर ही सफर करें, ऐसा आहवान किया है.

सुनील कोरडे, निवासी उपजिलाधिकारी