एड. निकम ने न्यायालय में किए आरोप प्रस्तावित

  • 17 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
  • कडी सुरक्षा में आरोपी को लाया गया न्यायालय

हिंगनघाट. प्राध्यापीका हत्याकांड प्रकरण में सोमवार, 14 दिसंबर को सरकारी वकील उज्वल निकम ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप प्रस्तावित किए़ सुबह से ही न्यायालय परिसर में नागरिकों ने काफी भीड की थी़ परिसर में पुलिस का तगडा बंदोबस्त रखा गया था़ पुरी सुरक्षा के बिच नागपुर कारागृह से आरोपी विक्की उर्फ विकास नगराले को हिंगनघाट न्यायालय में लाया गया था़ प्रकरण में अगली सुनवाई 17 दिसंबर को ली जानेवाली है.

बता दे कि, सोमवार से हिंगनघाट के जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय में बहुचर्चित प्राध्यापिका हत्याकांड प्रकरण में न्यायालयीन कार्रवाई शुरु की गई़ प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त विशेष सरकारी वकील उज्वल निकम स्वयं उपस्थित होने से न्यायालय परिसर में नागरिकों ने काफी भिड की थी़ एड. निकम का सुबह 10.30 बजे स्थानीय विश्रामगृह में आगमन हुआ़ पश्चात 11.22 बजे वें सत्र न्यायाधिश माजगांवकर के न्यायालय में उपस्थित हुए़ आरोपी विक्की नगराले को नागपुर कारागार से हिंगनघाट न्यायालय में आने को देरी होने से एड. उज्वल निकम ने इस बिच बार असोसिएशन को भेंट दी.

जहां असोसिएशन के अध्यक्ष अशोक काकडे व सचिव अर्सी मोहम्मद ने उनका स्वागत किया़ दोपहर 12 बजे पुलिस बंदोबस्त में आरोपी को न्यायालय में लाया गया़ इसके बाद न्यायालयीन कामकाज को शुरुवात हुई़ आरोपी का वकील अनुपस्थित होने से आरोपी के समक्ष ही सरकारी वकील उज्वल निकल ने आरोप प्रस्तावित किए़ साथ ही आरोपी न्यायाधीश ने अपने बचाव में वकील लगाने की बात पुछने पर आरोपी ने आगामी तिथि में वकील लाने की बात कहने की जानकारी है़ इसके पूर्व जांच अधिकारी उपविभागीय पुलिस अधिकारी तृप्ती जाधव ने 426 पेज की चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी़ दोपहर 1 बजे कामकाज खत्म हुआ़ सरकारी वकील उज्वल निकम ने न्यायालय से निकलते ही बताया कि, 17 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी़ इसमें आरोप निश्चित किये जाएंगे़ 15 दिनों में प्रत्यक्ष सुनवाई करने की अनुमति न्यायालय ने दी है़ सभी सुबत व गवाहों के बयान जनवरी के पहले अथवा दूसरे सप्ताह में जांचे जाएंगे, ऐसा भी एड. निकम ने बताया. 

सरकार का निर्णय क्रांतीकारी – एड. निकम

राज्य सरकार द्वारा इस अधिवेशन में महिलाओं के संदर्भ में दिशा नहीं तो शक्ती कानून का बिल रखने की संभावना है़ यह कडा कानून पास होने पर महिलाओं पर होनेवाले अत्याचार पर अंकुश लगेगा, ऐसी जानकारी एड. निकम ने दी़ राज्य में कानून पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार की ओर भेजा जाएगा़ महिलाओं पर होनेवाले अत्याचार रोकने व उनके सक्षमीकरण के लिए इस कानून में विशेष प्रावधान किये गए है़ राज्य सरकार का यह निर्णय क्रांतीकारी है, ऐसा भी एड. निकम ने कहा. 

पुलिस का तगडा बंदोबस्त, नागरिको ने की भीड

सोमवार को हिंगनघाट न्यायालय परिसर को छावनी का रुप आ गया था़ उपविभागीय पुलिस अधिकारी, थानेदार, एपीआई, पीएसआई कुल 8 बडे अधिकारी तथा 45 पुलिस कर्मी, 20 होमगार्ड के अलावा वर्धा से पहुंची दंगल नियंत्रण दस्ते की टिम परिसर में तैनात थी़ न्यायालय परिसर में नागरिकों ने काफी भिड कर रखी थी.