ABVP pressure, university withdraws, refuses to give vice-chancellor speech in anti-naxal program

    वर्धा. कोरोना संकटकाल के कारण बीते एकैडमिक इयर में नागपुर विवि का शैक्षणिक नियोजन पूर्णत: चरमरा गया था. यूजीसी ने 1 अक्टूबर से कालेज का एकैडमिक इयर शुरू करने की घोषणा की है. परंतु इस वर्ष भी तय समय पर कालेज शुरू होना असंभव होने की जानकारी सूत्रों ने दी है. बीते वर्ष कोरोना के कारण नागपुर विवि की ग्रीष्मकालीन परीक्षा नहीं हो पायी थी. परीक्षा को लेकर यूजीसी व राज्य सरकार में गतिरोध चलने के उपरांत अंतिम वर्ष की परीक्षा आनलाइन एंव आनलाइन परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी तथा अन्य परीक्षाएं ने लेते हुए छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था. वहीं इस प्रक्रिया में देरी होने के कारण व अंतिम वर्ष के अनेक छात्रों के परिणाम समय पर नहीं मिलने से नागपुर विवि प्रशासन को प्रवेश की तिथि निरंतर बढ़ानी पड़ी थी. इससे कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया जनवरी माह तक जारी रही. परिणामस्वरूप शीतकालीन परीक्षा पर असर पड़ा था.

    ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन परीक्षा का नियोजन गड़बड़ाया

    कोरोना व प्रवेश विलंब से होने के कारण नागपुर विवि के ग्रीष्मकाल 2020 व शीतकाल 2020 के परीक्षा का नियोजन पूरी तरह से बिगड़ गया था. ग्रीष्मकाल की परीक्षा सितंबर व अक्टूबर माह में हुई थी, जिससे परिणाम देरी से आये. उसी तरह एकैडमिक इयर 2020-21 में प्रवेशित छात्रों की प्रथम, तृतीय व पांचवें सत्र की परीक्षाएं शीतकाल में नहीं होते हुए मार्च व अप्रैल में हुई, जिससे परिणामों में देरी हुई है. अब तक शीतकालीन परीक्षा के अनेक परिणाम नहीं लगे है.

    यूजी अंतिम सत्र की परीक्षा जल्द करने का लिया निर्णय

    एक ओर प्रवेश तिथि व परीक्षा आयोजन देरी से होने के कारण नागपुर विवि प्रशासन ने यूजी व पीजी अंतिम की परीक्षाएं जल्द लेने का निर्णय लिया. आनलाइन परीक्षा होने के कारण विवि ने छात्रों के जल्द फार्म भरवाकर परीक्षा की तिथि घोषित की. परिणामवश यूजी छटवें सत्र की परीक्षा जून के अंतिम सप्ताह में आरंभ होकर 15 जुलाई तक हुई. वहीं परीक्षा के दौरान कुछ तकनीकी समस्या आने के कारण अंतिम वर्ष के परिणाम अगस्त माह में घोषित होने का अनुमान है. 

    इस बार भी प्रवेश प्रक्रिया में होगी देरी, बढ़गी परेशानी 

    यूजी अंतिम वर्ष के प्रवेश अगस्त माह में बीते वर्ष की तरह ही केंद्रीय पैटर्न पर अगस्त माह में आरंभ होंगे. करीब एक से डेढ़ माह तक यह प्रक्रिया चलेगी. परंतु यूजी के अनेक छात्रों के परिणाम उनके सभी सत्र पास नहीं होने से रूकेंगे. परिणामवश उन्हें रिजल्ट देरी से मिलने के कारण विवि की प्रवेश प्रक्रिया की तिथि को आगे बढ़ाना होगा. साथ व्दितीय व चर्तुथ सत्र के परिणाम व परीक्षा विलंब से होने के कारण उनके परिणाम भी देरी से आ सकते है. इससे विवि का शिक्षा नियोजन इस वर्ष भी बिगड़ने की संभावना है. यूजीसी ने 1 अगस्त डेडलाइन घोषित की, परंतु इस पर सभी पाठ्यक्रमों को शुरू करना संभव नहीं होने की बात प्राचार्यों ने कही है.