जिप की सभा में उपस्थित रहेंगे सरकारी अधिकारी

  • स्थायी समिति ने लिया ठराव, कलेक्ट्रेट की रहेगी जिम्मेदारी
  • समिति के सदस्यो ने जताई नाराजगी

वर्धा. आगामी दिनों में होनेवाली जिप की सभी आमसभा अथवा स्थायी समिति की बैठक में सरकारी विभाग के अधिकारी अथवा उनके प्रतिनिधी उपस्थित रहना अनिवार्य है. इस आशय का ठराव सर्वसम्मति से स्थायी समिति की बैठक में पास किया गया. इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिलाधिकारी की रहेंगी, ऐसा भी ठराव में बताया गया. इसके अलावा विविध विभागो के प्रमुख अधिकारी अनुपस्थित होने से समिति सदस्यों ने अपनी नाराजगी जताई.

जिप के सभागृह में जिप अध्यक्षा सरिता गाखरे की अध्यक्षता में शुक्रवार, 27 नवम्बर को स्थायी समिति की सभा बुलाई गई थी. सभा में विविध विषयों पर महत्वपूर्ण ठराव लेकर चर्चा की गई. गुटनेता नितीन मडावी की मांग पर प्रत्येक ग्रामपंचायत अंतर्गत वनअधिकार समिति स्थापन करने का निर्णय सभा में लिया गया. जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, महावितरण के अधिकारी, जिला क्रिडा अधिकारी, भूमीअभिलेख अधिकारी बैठक में अनुपस्थित होने से समिति सदस्यों ने स्पष्ट नाराजगी व्यक्त की. इससे सभागृह का माहौल कुछ समय के लिए गरमाया था. सेलु पंस की इमारत की दयनिय अवस्था बनी है. इसकी मरम्मत समय रहते करें, अन्यथा कोई अनहोनी घट सकती है, ऐसी मांग कुछ जिप सदस्यों ने की.

स्वच्छता विभाग अपने काम में सुधार करें, ऐसी मांग मुकेश भिसे ने की. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास, रमाई व अन्य आवास योजना के लाभार्थियों को पहले हफ्ता दिया गया है. इसमें लाभार्थियों ने मकान का काम भी शुरु किया. परंतु शेष राशी न मिलने से काम अटके पडे है. इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की मांग हुई. विविध योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधी तक पहुंचाने के दृष्टी से तहसील निहाय कार्यशाला, बैठक लेने की मांग रखी गई. इसके अलावा बिजली विभाग की समस्या पर सभा में ध्यान खींचा गया. बैठक में जिप उपाध्यक्ष वैशाली येरावार, सभापति माधव चंदनखेडे, विजय आगलावे, अतिरिक्त मुकाअ सत्यजीत बडे, उपमुकाअ विपूल जाधव, सभी विभागप्रमुख तथा अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.