परिवार को पेंशन लागू करें सरकार, पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिक संगठन की मांग

    वर्धा. देश तथा राज्य में कोरोना कहर बरपा रहा है़ लाकडाउन की वजह से अनेकों के व्यवसाय ठप हो गए है़ं ऐसे में कोरोना के कारण आकस्मिक मौत होने पर पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिकों के परिवारों पर संकट निर्माण हो रहा है़ केंद्र सरकार ने एनपीएस के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी के परिवार को पेंशन लागू की है़ उसी तर्ज पर राज्य पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिकों के लिए बिना विलंब योजना लागू करने की मांग सरकारी पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिक संगठन ने की है़ पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिक सरकारी सेवा में रहते समय उसे 40 से 50 हजार रुपए वेतन तथा 18 से 21 सेवानिवृत्ति वेतन इस प्रकार 60 से 70 हजार प्रति माह आय होती है.

    परिवार के सामने आर्थिक संकट

    कोरोना के कहर में अगर किसी पूर्व सैनिक की आकस्मिक मौत होने पर उनके परिवार की आय 11 से 12 हजार रुपए पर आ गई है़ इसकी प्रमुख वजह यह की, पूर्व सैनिक सुरक्षा दल से सेवानिवृत्त होने पर नवंबर 2005 के बाद राज्य सरकार की नागरी सेवा में उम्र के 42 से 45 नागरी सेवा में पूर्व सैनिकों को नवनियुक्त किया गया़ पूर्व सैन्य दल में कार्यरत नागरी सेवा में पुरानी योजना 1 नवंबर 2005 के बाद लागू की है़ परिणामवश सरकारी निर्णय 2005 के पूर्व सैन्य दल में कार्यरत रहते समय पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होती़ जिससे परिवारों के सामने संकट निर्माण हो गया है.

    सचिव मोघे ने लगाई मदद की गुहार

    केंद्र सरकार ने एनपीएस अंतर्गत सेवारत कर्मचारियों की आकस्मिक मौत होने पर उन्हें ग्रेजुएटी का प्रावधान दिया. वैसे ही फैमिली पेंशन का भी प्रावधान किया़ केंद्र सरकार ने लागू किए वित्तीय लाभ राज्य सरकार लागू करने की मांग की गई है़ जब तक केंद्र सरकार ने लागू किए वित्तीय लाभ राज्य सरकार लागू नहीं करती तब तक सैनिक कल्याण फ्लैग फंड से उन्हें मदद देने की मांग सरकारी पुनर्नियुक्त पूर्व सैनिक संगठन के सचिव बिपीन मोघे ने की है.