Chana Kharidi

    सिंदी रेलवे (सं). कृषि उपज बाजार समिति के तहत सेलू तथा सिंदी केंद्र पर एमएसपी की दर पर नाफेड द्वारा किसानों से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल से चना खरीदी किया जा रहा है. चना खरीदी की अंतिम तिथि 25 जून थी, लेकिन बारदाना के अभाव में विगत कुछ दिन पूर्व ही चना खरीदी बंद की गई. इससे किसानों का चना घरों में ही होने से, शासकीय चना खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही है.

    चना खरीदी के लिए किसानों को खरीदी बिक्री संस्था, सिंदी रेलवे के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करना जरूरी था. सिंदी रेलवे केंद्र पर 429 किसानों ने चना नाफेड को बेचने के लिए खविसं में रजिस्ट्रेशन किया था. इसमें से 386 किसानों ने 8,860 क्विंटल चना नाफेड को बेचा. सिंदी रेलवे केंद्र के 43 किसानों का चना अभी तक खरीदी नहीं किया गया. चना खरीदी के लिए लाने रजिस्ट्रेशन किए किसानों को एसएमएस द्वारा चना लाने हेतु तारीख की सूचना दी जाती है. उसके बाद किसाना मंडी में चना लाते है. 

    परेशान होकर लगा रहे कार्यालय के चक्कर 

    सिंदी रेलवे केंद्र के 43 किसान चना बेचने के लिए मंडी में लाने की अनुमति का एसएमएस खंगाल रहे, जो उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुआ है. अब 25 जून से खरीदी बंद की घोषणा की गयी थी. परंतु उससे पूर्व ही विगत 2-3 दिनों से बारदाना के अभाव में खरीदी बंद की गयी थी. सेलू केंद्र के 30 रजिस्ट्रेशन किए किसानों को चना खरीदी करना बाकी है. कुल 73 किसानों का चना नाफेड को लेना है. सेलू केंद्र पर 6,723 क्विंटल चना खरीदी किया गया है. 

    समय रहते SMS से नहीं मिली सूचना 

    सिंदी रेलवे केंद्र पर कृषि उपज मंडी समिति में 12 वाहन से अधिक चना शेड में लगा है. सेलू, सिंदी रेलवे केंद्र पर 15,583 क्विंटल कुल चना नाफेड द्वारा खरीदी किया गया है. रजिस्ट्रेशन किए किसानों को खरीदी के लिए मंडी में लाने की एसएमएस से सूचना नहीं मिलने से किसान प्रत्यक्ष कार्यालय के चक्कर लगा रहे है. ऐसी स्थिति में किसानों ने रजिस्टर्ड किसानों का चना खरीदी करने खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग की है.

    किसानों की मुश्किलों में हुई बढ़ोतरी 

    किसानों की मुश्किल पहले ही बढ़ गई है. ऐसे में अवधि से पूर्व ही कृउबास ने चना खरीदी बंद कर दी. इससे रजिस्ट्रेशन करने वाले 73 किसानों का चना खरीदी किया जाना बाकी है. इन किसानों का चना घर में ही है. फिलहाल खेती का मौसम होकर किसानों को पैसों की जरूरत होती है. परंतु चना खरीदी संबंधित कोई भी मैसेज नहीं आने से किसानों की मुश्किल बढ़ गई है. चना खरीदी की अवधि बढ़ाकर चना खरीदने की गुहार किसान लगा रहे है.