dengue

    पुलगांव . शहर में कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या अन्य स्थानों से बहुत ही कम रही है. साथ ही कोरोना के कारण मृत्यु का प्रमाण भी अत्यधिक कम रहा है, जिसका मुख्य कारण शासन के नियमों का पालन किया गया. साथ ही कई प्रकार के काढ़ा से आयुर्वेद इलाज किए गए, लेकिन शहर में नप प्रशासन की लापरवाही की सीधी मिसाल शहर में देखी जा रही है की सफाई और कीटनाशक के छिड़काव के अभाव के कारण शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है. वहीं इसके बावजूद नप प्रशासन अपनी कुंभकर्णीय नींद से जाग ही नहीं रहा है.

    समय रहते मरीजों का इलाज करना जरूरी 

    शहर के दोनों ही बालरोग विशेषज्ञों के पास सौ से भी अधिक डेंगू के मरीज पाए जाने की जानकारी मिलने से खलबली मच गई है. इसका मुख्य कारण यह है कि ग्रीष्मकाल के कूलर में भरा पानी, टायर में पानी जमा होना. शहर के गड्ढों में  संचित पानी यह ज्यादा दिन तक जमा होने के कारण डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं और वहीं छोटे बच्चों पर डंक मारने से जल्द असर होता है. कई बच्चे इसका शिकार होकर गंभीर बीमार अवस्था में पहुंच जाते. जल्द ही इलाज करना बहुत जरूरी होता है. 

    नप प्रशासन की नहीं खुल रही कुंभकर्णी नींद 

    नाचनगांव, आंबेडकरनगर, जाकिर कालोनी, दखनी फैल, रेलवे क्वार्टर, गाड़गेनगर, जुना पुलगांव, वल्लभनगर, बरांडा, गूंजखेड़ा, सुभाषनगर, स्टेशन चौक आदि परिसर में अधिक डेंगू के मरीज पाए गए है. और जो स्थानीय अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं. जून माह के आखिरी सप्ताह से अब तक शहर में डेंगू के मरीजों की भरमार हो गई है. वहीं नप प्रशासन का इस ओर ध्यान ही आकर्षित नहीं हो रहा है. सफाई और छिड़काव सिर्फ नाममात्र ही दिखाई दे रहा है. इधर ग्रामीण अस्पताल अब तक सिर्फ दो ही मरीजों की पुष्टी करने में लगा हुआ है, लेकिन ज्यादातर मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे है. और नप प्रशासन धृतराष्ट्र बनकर शहर की ओर निहार रहा है.

    40 से 45 मरीज इलाज कर रहे है : बोहरा

    शहर के बालरोग विशेषज्ञ डा. हकीमुद्दीन बोहरा के अनुसार शहर में डेंगू के मरीजों की भरमार हर दिन एक से दो मरीज डेंगू पाजिटिव आ रहे है. हमारे यहां करीब 40 से 45 मरीज पिछले एक माह में अपना इलाज करवा रहे है, जिसमें दो से तीन की तबियत ज्यादा होने के कारण वर्धा रेफर किया गया है. शहर के कई मुख्य रहिवासी इलाकों के साथ नाचनगांव, वल्लभनगर, जोशी प्लाट, गूंजखेड़ा में भी अधिक मरीज मिले है. प्रशासन ने इसका सही उपाय योजना करनी चाहिए.

    हर दिन आ रहे है डेंगू के पेशंट : पीयूष शाह

    शहर के प्रसिद्ध बालरोग विशेषज्ञ डा. पीयूष शाह के अनुसार पिछले माह के आखिरी सप्ताह से आए दिन डेंगू के मरीजों की संख्या में अत्याधिक बढ़त हो रही. अस्पताल में करीब 40 से 45 मरीजों का इलाज चल रहा है. यह मरीज मुख्यत: शहर के रिहायशी इलाकों के है. इस डेंगू का मुख्य कारण है कूलर, टायरों, गड्ढों में संचित पानी के कारण डेंगू के मच्छर तैयार होते और बच्चों पर उसका शीघ्र परिणाम होता है. मरीजों में ज्यादा तर बच्चे ही है. नप प्रशासन ने नियमित छिड़काव करके शहर में संचित पानी की निकासी करना चाहिए.